दुर्ग ट्रैफिक पुलिस अध्ययन: प्रवर्तन से सड़क हादसों में कमी
इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) भिलाई लोकल सेंटर द्वारा “सस्टेनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट – चुनौतियां एवं मुद्दे” विषय पर सेमिनार का आयोजन इंजीनियर्स भवन, सिविक सेंटर में किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे, जबकि ट्रैफिक पुलिस प्रभारी एवं एएसपी (परिवहन) सुश्री ऋचा मिश्रा विशेषज्ञ पैनल की सदस्य रहीं।
कार्यक्रम में प्रस्तुत आंकड़ों ने यह दर्शाया कि ट्रैफिक नियमों के कड़े प्रवर्तन से सड़क दुर्घटनाओं में सीधी कमी आती है।
- जनवरी से जुलाई 2024 में 11,198 प्रकरणों पर कार्यवाही हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 20,952 हो गई।
- बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग, तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और बिना सीटबेल्ट जैसे उल्लंघनों पर विशेष फोकस रहा।
- सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 746 से घटकर 664, घायलों की संख्या 653 से घटकर 584 और मृतकों की संख्या 213 से घटकर 190 हुई।

स्पष्ट हुआ कि – जितना अधिक प्रवर्तन बढ़ा, उतनी ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन पर निर्भर नहीं है, बल्कि 5E Pillars – Enforcement, Engineering, Education, Emergency और Evaluation के संयुक्त प्रयास से ही स्थायी परिणाम मिल सकते हैं। इसी दिशा में ट्रैफिक पुलिस ने ब्लैक स्पॉट सुधार, सड़क प्रकाश व्यवस्था, डिवाइडर निर्माण, रंबल स्ट्रिप और साइन बोर्ड लगाने जैसे ठोस कदम उठाए हैं।
अंत में यह निष्कर्ष सामने आया कि सस्टेनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क सुरक्षा के लिए प्रवर्तन को प्राथमिक साधन के रूप में अपनाना जरूरी है।
