गरियाबंद मुठभेड़: 10 नक्सली ढेर, 5.22 करोड़ इनामी सरगना समेत बड़ी सफलता

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13 sept 3

गरियाबंद ज़िले के मैनपुर थाना क्षेत्र के राजदेहरा-मटाल पहाड़ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में केंद्रीय कमेटी और ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नक्सली नेताओं सहित कुल 10 नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 23 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

🔹 मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने मौके से 10 आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की है। इसमें एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर, पिस्टल, बारूद और नक्सली साहित्य शामिल है।

कैसे हुई कार्रवाई

10 सितंबर को विश्वसनीय सूचना मिलने पर गरियाबंद पुलिस की ई-30, एसटीएफ, सीएएफ और कोबरा 207 बटालियन की संयुक्त टीम अभियान पर निकली। 11 सितंबर की दोपहर से ही नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जो 12 सितंबर सुबह तक चली। आखिरकार, जवानों की बहादुरी और धैर्य के सामने नक्सली टिक नहीं पाए और 10 नक्सली ढेर हो गए।

मारे गए नक्सलियों की पहचान

मारे गए नक्सलियों में मोदेम बालकृष्ण उर्फ मनोज (केंद्रीय समिति सदस्य), प्रमोद उर्फ पंडरन्ना (ओडिशा राज्य समिति सदस्य), विमल उर्फ जदी वेंकट (ओडिशा राज्य समिति सदस्य एवं टेक्निकल टीम इंचार्ज) सहित अन्य बड़े कैडर शामिल हैं। इनके अलावा 6 पुरुष और 4 महिला नक्सली मारे गए।

पुलिस अधिकारियों का बयान

गरियाबंद पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा कि – “जिला गरियाबंद नक्सल उन्मूलन के निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। नक्सली विचारधारा के भ्रमजाल में फंसे लोगों को अब मुख्यधारा में आना चाहिए। अन्यथा उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने होंगे।”

वहीं रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि – “साल 2025 की शुरुआत से ही नक्सलियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। बरसात जैसे चुनौतीपूर्ण हालातों में भी यह सफलता सुरक्षा बलों की दृढ़ता और समर्पण का उदाहरण है।”

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

इस मुठभेड़ और नक्सलियों की पहचान को लेकर रायपुर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, आईजी रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, आईजी सीआरपीएफ श्री सलीन, एसपी गरियाबंद निखिल राखेचा, कोबरा 207 कमांडर दीपक कुमार, एएसपी नक्सल ऑपरेशन धीरेंद्र पटेल, एएसपी गरियाबंद जितेंद्र चंद्राकर, एसडीओपी निशा सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

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