₹37 लाख ईनामी माओवादियों ने गरियाबंद में हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण
प्रमुख बिंदु:
- डिवीजनल कमेटी सदस्य सुनील उर्फ जगतार सिंह (₹8 लाख ईनामी)
- उदंती एरिया कमेटी सचिव अरीना टेकाम उर्फ सुगरो (₹8 लाख ईनामी)
- डिप्टी कमांडर विद्या उर्फ जमली (₹5 लाख ईनामी) — इंसास हथियार के साथ समर्पण
- एरिया कमेटी सदस्य लुदरो उर्फ अनिल (₹5 लाख ईनामी) — एसएलआर हथियार के साथ
- एरिया कमेटी सदस्य नंदनी (₹5 लाख ईनामी) — सिंगल शॉट हथियार के साथ
- एरिया कमेटी सदस्य कांति (₹5 लाख ईनामी) — इंसास हथियार के साथ
- पार्टी सदस्य मल्लेश (₹1 लाख ईनामी) — इंसास हथियार के साथ

💰 कुल समर्पण: 07 माओवादी, कुल ₹37 लाख ईनामी, 06 हथियारों के साथ गरियाबंद में आत्मसमर्पण।
शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत, गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, कोबरा एवं सीआरपीएफ के निरंतर नक्सल विरोधी अभियान और जनसंवाद से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की उदंती एरिया कमेटी के सभी सक्रिय सदस्य हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए।
इन माओवादियों ने शासन की पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाली आवास, रोजगार, स्वास्थ्य और ईनाम राशि जैसी सुविधाओं को देखते हुए आत्मसमर्पण का मार्ग चुना। इनसे पूर्व 18 अक्टूबर 2025 को उदंती एरिया कमेटी सचिव द्वारा इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी।

आत्मसमर्पित माओवादियों ने बताया कि वे लंबे समय से जंगलों में कठिन जीवन, बीमारी और माओवादी विचारधारा से मोहभंग के कारण संगठन से निराश थे। आत्मसमर्पित साथियों के खुशहाल जीवन और शासन की पुनर्वास योजनाओं से प्रभावित होकर उन्होंने भी शांति और विकास के मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया।
गरियाबंद पुलिस की अपील:
जिले में सक्रिय सभी नक्सलियों से अपील की जाती है कि वे हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करें और समाज की मुख्यधारा में लौटें। आत्मसमर्पण के लिए नजदीकी थाना / चौकी / कैंप में संपर्क करें या नक्सल सेल हेल्पलाइन नंबर ☎️ 94792-27805 पर कॉल करें।
