उडुपी में पकड़ाए दो यूपी के युवक, नौसेना जहाजों की गोपनीय सूचनाएँ पाकिस्तान भेजने का आरोप
उडुपी (कर्नाटक) – उडुपी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले दो व्यक्तियों को भारतीय नौसेना के जहाजों से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी पाकिस्तान तक भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह जहाज़ उडुपी कोचिन शिपयार्ड और कोच्चि शिपयार्ड में तैयार किए जा रहे थे।
उडुपी के पुलिस अधीक्षक हरीराम शंकर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम रोहित (29 वर्ष) और सान्त्री (37 वर्ष) हैं। दोनों को 20 नवंबर को उडुपी स्थित एक किराए के कमरे से पकड़ा गया और अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस के अनुसार, रोहित और सान्त्री दोनों कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड की सब-ठेकेदार कंपनी शुष्मा मरीन प्राइवेट लिमिटेड में ‘इंसुलेटर’ के रूप में ठेके पर काम कर रहे थे।
- रोहित पहले कोच्चि शिपयार्ड में कार्यरत था और छह माह पहले उडुपी शिपयार्ड में आया था।
- सान्त्री भी कोच्चि शिपयार्ड में ही कार्यरत था और वहीं से संवेदनशील जानकारियाँ हासिल करता था।
जांच में सामने आया कि रोहित ने कोच्चि में काम करते हुए भारतीय नौसेना के जहाजों के पहचान संख्या, निर्माण से जुड़े विवरण और अन्य गोपनीय सूचनाएँ व्हाट्सऐप और फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेजीं।
उडुपी आने के बाद उसने यहाँ के शिपयार्ड में बन रहे नौसैनिक जहाजों की जानकारी भी विदेश भेजी।
पुलिस का कहना है कि रोहित को पिछले 18 महीनों में कई बार संदिग्ध लेनदेन के रूप में पैसा प्राप्त हुआ, जिससे वह मुख्य आरोपी प्रतीत होता है। सान्त्री द्वारा भेजी गई जानकारी भी रोहित आगे साझा करता था।
मामला कैसे दर्ज हुआ?
19 नवंबर को उडुपी कोचिन शिपयार्ड के सीईओ ने मालपे थाना में शिकायत दर्ज कराई।
इसके आधार पर पुलिस ने
- भारतीय दंड संहिता की धारा 152 (BNS)
- तथा ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 और 5
के तहत केस दर्ज किया।
20 नवंबर को एएसपी हर्षा प्रियम्वदा और पीएसआई डी. अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम ने दोनों को गिरफ्तार किया।
आगे की कार्रवाई
- पुलिस 22 नवंबर को दोनों आरोपियों की कस्टडी के लिए अदालत में आवेदन देगी।
- आरोपियों से जुड़े संभावित अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
- जिस कंपनी ने उन्हें नौकरी दी, उससे भी पूछताछ होगी।
- पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसियाँ भी इस मामले में शामिल होंगी, क्योंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।
