रायपुर में शुरू हुआ 60वां DGP/IGP सम्मेलन: अमित शाह बोले—नए कानूनों और नक्सल उन्मूलन पर तेज़ होगी कार्रवाई
रायपुर में तीन दिवसीय 60वां डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन प्रारंभ हो गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार प्रदेश इस स्तर के राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी सुरक्षा रणनीतियों, आधुनिक पुलिसिंग और उभरती चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में अमित शाह ने नए क्रिमिनल लॉ, यूएपीए, नारकोटिक्स कंट्रोल और एनआईए से जुड़े मामलों में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिए सरकार की नीतियों का असर जमीन पर दिख रहा है और इन प्रयासों को और अधिक संगठित तरीके से आगे बढ़ाना समय की मांग है।
सम्मेलन में साइबर अपराध, डिजिटल फोरेंसिक, सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने तथा नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा रहा है। अधिकारी देशभर में लागू नई कानूनी व्यवस्थाओं और तकनीकी बदलावों के अनुकूल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की कार्ययोजना भी तैयार करेंगे।
छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह आयोजन न केवल राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाता है बल्कि प्रदेश पुलिस को राष्ट्रीय पुलिसिंग ढाँचों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने का अवसर भी देता है। इस सम्मेलन से भविष्य की नीति निर्माण प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
रायपुर में आयोजित यह राष्ट्रीय सभा नक्सल प्रभावित राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संयुक्त अभियान, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक तकनीक आधारित ऑपरेशन को गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस सम्मेलन के परिणाम देश की आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करेंगे।
