बालोद में बड़ा फर्जीवाड़ा: 142 फर्जी सिम जारी करने वाला वोडाफोन-आइडिया POS एजेंट गिरफ्तार
बालोद पुलिस ने वोडाफोन-आइडिया कंपनी के POS एजेंट द्वारा किए गए एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। आरोपी ईश्वर गजेन्द्र ने कंपनी का टारगेट पूरा करने के लिए 142 ऐसे उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी सिम जारी कर दिए, जिन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं थी। आरोपी ने इन लोगों के बायोमेट्रिक आधार का गलत उपयोग कर डिजिटल आधार एप्लिकेशन के माध्यम से सिम एक्टिवेशन किया था।

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब वोडाफोन-आइडिया कंपनी ने साइबर सेल बालोद को लिखित शिकायत दी कि उनका POS एजेंट (POS ID: 7440204196) जुलाई 2024 से अगस्त 2024 के बीच संदिग्ध तरीके से बड़ी संख्या में सिम सक्रिय कर रहा है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि 01 जुलाई से 30 अगस्त 2024 के बीच आरोपी ने कुल 142 सिम कार्ड बिना उपभोक्ताओं की सहमति या जानकारी के जारी किए। पूरा फर्जीवाड़ा थाना बालोद क्षेत्र के भीतर संचालित किया गया था।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि कंपनी द्वारा निर्धारित सेलिंग टारगेट का दबाव होने के कारण उसने यह कदम उठाया। वह जियो के सिम को आधार फेस एप से पोर्ट कराते समय ग्राहकों की फेस आईडी का दुरुपयोग कर उन्हीं के नाम पर वोडाफोन-आइडिया की ओर से अलग-अलग सिम भी जारी कर देता था। ग्राहकों को इस बात की भनक भी नहीं लगती थी कि उनके नाम से कई अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय हो चुके हैं।
पुलिस ने मामले में थाना बालोद में अपराध क्रमांक 531/2025 दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) BNS तथा धारा 42(3)(m) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी ईश्वर गजेन्द्र पिता गंडलाल गजेन्द्र, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम निपानी (थाना एवं जिला बालोद) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बालोद भेज दिया गया।
