सूरजपुर में BNS, BNSS, NDPS और POCSO एक्ट पर एकदिवसीय कार्यशाला, विवेचना की गुणवत्ता पर जोर

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सूरजपुर।
अपराध विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने, साक्ष्य संकलन को मजबूत करने और नए आपराधिक कानूनों की व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से सूरजपुर में BNS, BNSS, NDPS Act एवं POCSO Act पर आधारित एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर द्वारा किया गया।

न्यायिक मार्गदर्शन से मिली विवेचना की स्पष्ट दिशा

कार्यशाला के दौरान माननीय न्यायाधीशों ने पुलिस अधिकारियों व विवेचकों को नए कानूनों के प्रमुख प्रावधान, कानूनी प्रक्रियाओं और विवेचना में होने वाली सामान्य त्रुटियों की जानकारी दी। विवेचना से जुड़े प्रश्नों का समाधान करते हुए यह बताया गया कि एफआईआर दर्ज करने से लेकर चालान प्रस्तुत करने तक किन बिंदुओं पर विशेष सावधानी आवश्यक है, ताकि मामलों में तकनीकी खामियों का लाभ आरोपियों को न मिल सके।

NDPS मामलों में चूक से आरोपी को मिलता है लाभ

प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री मानवेंद्र सिंह ने NDPS एक्ट से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में विवेचना में त्रुटि हो जाती है, जिससे आरोपी को लाभ मिल जाता है। उन्होंने NDPS मामलों के लिए चेकलिस्ट अपनाने, प्रारंभिक कार्यवाही से लेकर साक्ष्य संकलन तक हर चरण को विधि अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए।

नए कानूनों में डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुमित कुमार हर्षमना ने BNS और BNSS के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल साक्ष्य और प्रक्रियात्मक शुद्धता अब विवेचना की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है, जिससे अपराध सिद्ध करने में साक्ष्य और मजबूत होते हैं।

POCSO मामलों में संवेदनशीलता सर्वोपरि

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वरियाल ने POCSO एक्ट एवं जेजे एक्ट की महत्वपूर्ण धाराओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और बाल हित सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बच्चे का बयान सुरक्षित व भरोसेमंद वातावरण में दर्ज करने तथा सभी आवश्यक साक्ष्य संकलित करने के निर्देश दिए।

पुलिस अधिकारियों से मिली सीख को अमल में लाने की अपील

कार्यशाला के आयोजक एवं DIG/SSP श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने उपस्थित विवेचकों से अपील की कि कार्यशाला में प्राप्त न्यायिक मार्गदर्शन का उपयोग वे बेहतर विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी चालान प्रस्तुत करने में करें, ताकि पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा सुनिश्चित हो सके।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, डीएसपी अनूप एक्का, सीएसपी, डीएसपी, थाना-चौकी प्रभारी सहित जिले के 141 विवेचक उपस्थित रहे।

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