रायगढ़ तमनार में जिंदल पावर प्लांट के खिलाफ उग्र विरोध, पथराव-आगजनी, 100 से ज्यादा ग्रामीण हिरासत में

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रायगढ़ (छत्तीसगढ़):
रायगढ़ जिले के आदिवासी बहुल तमनार क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर लंबे समय से चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र रूप ले बैठा। जिंदल पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) के विस्तार के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों में आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर और रायगढ़ थाना प्रभारी एवं डीएसपी अनिल विश्वकर्मा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। महिला थाना प्रभारी को गंभीर चोटें आने की भी सूचना है।

ग्रामीणों का आरोप है कि 7 दिसंबर को जिंदल कंपनी द्वारा कराई गई जनसुनवाई पूरी तरह औपचारिक और फर्जी थी। उनका कहना है कि पर्यावरणीय स्वीकृति के नाम पर स्थानीय लोगों की सहमति के बिना सीएचपी का विस्तार किया जा रहा है, जिससे जल स्रोतों, जंगलों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचेगा। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीण कई दिनों से सीएचपी चौक पर धरने पर बैठे थे।

शनिवार को जब ग्रामीणों ने कोयला लदे ट्रकों को रोक दिया और पुलिस ने रास्ता खाली कराने की कोशिश की, तो स्थिति और बिगड़ गई। नारेबाजी के बीच पथराव शुरू हो गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में 100 से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा भी शामिल हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पूरे तमनार क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प साफ देखी जा सकती है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि तमनार क्षेत्र में उद्योगों और खनन परियोजनाओं के कारण ग्रामीणों की आजीविका लगातार प्रभावित हो रही है। जंगलों की कटाई, जल स्रोतों का सूखना और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों को लेकर आक्रोश लंबे समय से पनप रहा था, जो अब विस्फोटक रूप में सामने आया है। फिलहाल प्रशासन शांति बहाली की कोशिश में जुटा है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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