गणतंत्र दिवस पर वीरता का सम्मान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो जांबाज़ आरक्षकों को किया सम्मानित
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य में कानून व्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में बिलासपुर जिला पुलिस बल के दो साहसी आरक्षकों को राज्य स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई। यह सम्मान उनकी निडरता, कर्तव्यनिष्ठा और जनता की सुरक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक बना।

सम्मान पाने वाले आरक्षक आशीष राठौर और बीरेंद्र राजपूत ने आवास योजना के नाम पर आम नागरिकों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी सतर्कता और सूझबूझ से न सिर्फ ठगों का भंडाफोड़ हुआ, बल्कि पीड़ित लोगों को भी न्याय मिल सका। इस कार्रवाई से समाज में सक्रिय ऐसे अपराधियों को कड़ा संदेश गया।
इसके अलावा दोनों आरक्षकों ने रात्रि गश्त के दौरान चोरी कर लौट रहे एक शातिर चोर को साहसपूर्वक पीछा कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से सोने-चांदी के कीमती जेवरात और नकद राशि बरामद की गई, जिससे एक बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा हुआ।
क्षेत्र में सक्रिय गुंडे-बदमाशों और चाकूबाजी जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल आरोपियों की धरपकड़ में भी इन दोनों आरक्षकों की भूमिका सराहनीय रही। समय रहते की गई कार्रवाई से कई संभावित अपराधों को टालने में सफलता मिली और इलाके में शांति व्यवस्था बनी रही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों आरक्षकों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कर्मठ और साहसी पुलिसकर्मी ही प्रदेश की कानून व्यवस्था की असली ताकत हैं। यह सम्मान न केवल आशीष राठौर और बीरेंद्र राजपूत के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बिलासपुर जिला पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला भी साबित हुआ।
