राष्ट्रपति के बस्तर आगमन के बीच ‘पूना मार्गेम्’ की बड़ी जीत, बीजापुर में 85 लाख के इनामी 30 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के बस्तर आगमन के अवसर पर नक्सल उन्मूलन अभियान को एक बड़ी कामयाबी मिली है। ‘पूना मार्गेम्’ अभियान के अंतर्गत बीजापुर जिले में 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया है। इन नक्सलियों पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित बताया गया है।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, लगातार बढ़ती सुरक्षा सक्रियता, सघन अभियानों और जनसंवाद के प्रभाव से नक्सली संगठन की पकड़ कमजोर हुई है। संगठन के भीतर बढ़ते मोहभंग और दबाव के चलते इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना।

पूना मार्गेम् के तहत प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना, नियमित गश्त, सड़क कनेक्टिविटी और विकास योजनाओं की पहुँच बढ़ाई गई है। इन प्रयासों से नक्सलियों के स्वतंत्र विचरण क्षेत्र सिमटे हैं और आम नागरिकों का भरोसा प्रशासन पर मजबूत हुआ है।
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों द्वारा हथियार और अन्य सामग्री जमा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अनुसार आत्मसमर्पित कैडरों को सुरक्षा, पुनर्वास सहायता और आजीविका से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। शेष सक्रिय नक्सलियों से अपील की गई है कि वे भी पूना मार्गेम् से जुड़कर हथियार छोड़ें और शांतिपूर्ण, सम्मानजनक जीवन की ओर लौटें।
