बीजापुर में ‘पूना मार्गेम्’ की बड़ी सफलता, 54 लाख के इनामी 12 नक्सलियों ने हथियारों सहित किया आत्मसमर्पण
बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगातार बढ़ती पुलिस सक्रियता और प्रभावी कार्रवाई के चलते ‘पूना मार्गेम्’ अभियान के अंतर्गत 12 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। यह घटना क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल मिलाकर लगभग 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ये सभी नक्सली संगठन के विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रहे हैं और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे। लगातार दबाव और संगठन के कमजोर होते नेटवर्क के चलते उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।
‘पूना मार्गेम्’ अभियान के तहत पुलिस और प्रशासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना, सघन गश्त, जनसंवाद कार्यक्रम और विकास योजनाओं की पहुँच को लगातार बढ़ाया गया है। इसका सीधा असर यह हुआ कि नक्सली संगठन का प्रभाव क्षेत्र सिमटता चला गया और कैडरों में मोहभंग की स्थिति बनी।
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने विभिन्न प्रकार के हथियार भी पुलिस के समक्ष जमा किए। पुलिस ने बताया कि शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को सुरक्षा, पुनर्वास सहायता और वैकल्पिक आजीविका से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बीजापुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। साथ ही शेष सक्रिय नक्सलियों से अपील की गई है कि वे भी ‘पूना मार्गेम्’ अभियान से जुड़कर हथियार छोड़ें और सम्मानजनक जीवन की ओर लौटें।





