जेल से नई शुरुआत: रायपुर जेल के 67 बंदियों को मिला कौशल प्रमाण-पत्र, ‘निश्चय कार्यक्रम’ बना पुनर्वास की मिसाल

0
11.9.2

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में सुधारात्मक एवं पुनर्वास आधारित पहल को आगे बढ़ाते हुए संचालित ‘निश्चय कार्यक्रम’ के अंतर्गत आज रायपुर जेल में 67 बंदियों को कौशल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस पहल के माध्यम से बंदियों को मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें रोजगारपरक कौशल प्रदान करना तथा रिहाई के बाद समाज में सकारात्मक पुनर्स्थापन सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण प्राप्त बंदियों ने विभिन्न व्यावसायिक कौशल सीखकर आत्मविश्वास के साथ नई शुरुआत की दिशा में कदम बढ़ाए।

कार्यक्रम के दौरान डीजी (जेल) श्री हिमांशु गुप्ता ने कहा कि सुधारात्मक न्याय प्रणाली का मूल उद्देश्य केवल दंड नहीं बल्कि व्यक्ति का पुनर्वास और समाज में पुनः सम्मानजनक स्थान दिलाना है। कौशल प्रशिक्षण से बंदियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है, जिससे अपराध की पुनरावृत्ति रोकने में भी मदद मिलती है।

इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी सुश्री गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बंदियों को प्रशिक्षण का उपयोग कर उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया।

छत्तीसगढ़ जेल विभाग द्वारा संचालित ‘निश्चय कार्यक्रम’ राज्य की जेलों को सुधार गृह की अवधारणा के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों