रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों ने पेश की समाज सेवा की मिसाल, पद्म श्री से सम्मानित हुए कई पूर्व IPS अधिकारी
वर्ष 2026 में देशभर में कई सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों ने समाज सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य कर जनता के बीच नई मिसाल पेश की है। इन उत्कृष्ट योगदानों के लिए कई पूर्व पुलिस अधिकारियों को पद्म श्री सम्मान सहित विभिन्न राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।
🚨 88 साल की उम्र में भी रोज सड़क साफ कर रहे रिटायर्ड DIG इंद्रजीत सिंह सिद्धू

पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू को समाज सेवा और स्वच्छता के प्रति असाधारण समर्पण के लिए पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया गया। 88 वर्ष की आयु में भी वे रोज सुबह स्वयं झाड़ू लेकर चंडीगढ़ की सड़कों की सफाई करते हैं।
घुटनों और पीठ दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उनका यह निस्वार्थ कार्य लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। सोशल मीडिया पर उनकी कहानी वायरल होने के बाद पूरे देश में उनकी सराहना हो रही है।
🇮🇳 वीरप्पन ऑपरेशन के मास्टरमाइंड के. विजय कुमार को भी मिला पद्म श्री

देश के चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी के. विजय कुमार, जिन्होंने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन के खिलाफ ‘ऑपरेशन कोकून’ का नेतृत्व किया था, उन्हें भी राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा में जीवनभर के योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी वे आतंकवाद विरोधी अभियानों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों को लेकर सरकार को लगातार मार्गदर्शन दे रहे हैं। उनका अनुभव आज भी देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
🏃 60 की उम्र में 159 मैराथन पूरी कर दिया फिटनेस का संदेश

तमिलनाडु पुलिस के सेवानिवृत्त महानिदेशक के. जयंत मुरली ने 60 वर्ष की उम्र में 159 मैराथन पूरी कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 में स्थान बनाया। वे युवाओं और आमजन को फिटनेस, अनुशासन और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
🛡️ तेलंगाना के पूर्व DGP बने सुरक्षा सलाहकार

तेलंगाना के रिटायर्ड डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने सेवानिवृत्ति के बाद राज्य सरकार में सुरक्षा सलाहकार का पद संभाला है। वे अपने 32 वर्षों के अनुभव के आधार पर राज्य की सुरक्षा नीतियों और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
इन सभी उदाहरणों ने यह साबित किया है कि पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद भी समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। ये अधिकारी अपने अनुभव, अनुशासन और सेवा भावना से लगातार समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
