Pakistan ISI Connection: जांजगीर-चांपा में पाकिस्तान ISI से जुड़े संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी, किरायेदार सत्यापन में बड़ा खुलासा

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संपर्क रखने वाले एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले निवासी सेवक सिंह के रूप में हुई है, जो अकलतरा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के विदेशी नंबरों और संदिग्ध व्यक्तियों से संपर्क के प्रमाण मिले हैं, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान हुआ खुलासा

जानकारी के अनुसार जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संदिग्ध गतिविधियों और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार किरायेदार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान अकलतरा क्षेत्र के मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में बाहरी राज्यों के लोगों के रहने की सूचना पुलिस को मिली। सत्यापन के लिए पहुंची पुलिस टीम को वहां रह रहा सेवक सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। उसके व्यवहार और जवाबों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने उससे गहन पूछताछ शुरू की।

मोबाइल जांच में मिले विदेशी संपर्कों के सुराग

पुलिस जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की पड़ताल की गई। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल से पाकिस्तान, सऊदी अरब समेत कई विदेशी नंबरों से संपर्क के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से विदेशों में मौजूद कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से लगातार संपर्क में था।

संवेदनशील जानकारियां साझा करने का संदेह

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपी छत्तीसगढ़ के कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थानों, वाहनों के नंबरों तथा अन्य सूचनाओं को विदेशी नेटवर्क तक पहुंचा रहा था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

डिजिटल सबूत जब्त, फॉरेंसिक जांच जारी

पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त कर ली है। मोबाइल में मिले व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो कॉल डाटा तथा अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी का विदेशी नेटवर्क से संपर्क किस स्तर का था और क्या उसके माध्यम से किसी प्रकार की संवेदनशील जानकारी साझा की गई थी।

टारगेट किलिंग की साजिश के एंगल पर भी जांच

जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी को पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से निर्देश मिलने की आशंका जताई जा रही है। कुछ इनपुट्स में ड्रोन के जरिए हथियार उपलब्ध कराने और उसके बाद किसी विशेष व्यक्ति या स्थान को निशाना बनाने जैसी संभावित साजिश की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है और सभी तथ्यों की गहन जांच जारी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी जुटीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जांच का फोकस आरोपी के संपर्कों, आर्थिक लेन-देन, डिजिटल गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की पहचान पर है। पुलिस का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी विश्लेषण के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों, मकान मालिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे बाहरी व्यक्तियों को किराए पर कमरा या मकान देने से पहले उनका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। अधिकारियों का कहना है कि किरायेदार सत्यापन जैसी छोटी सावधानियां भविष्य में बड़े सुरक्षा खतरों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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