आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल, कोंडागांव में कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु काउंसलिंग

0

कोंडागांव।

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति को धरातल पर उतारते हुए कोंडागांव जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से पुराना पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में लगभग 30 से 35 महिला एवं पुरुष आत्मसमर्पित नक्सलियों ने हिस्सा लिया। काउंसलिंग के दौरान उन्हें विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई, जिससे वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण का चयन कर सकें।

इस दौरान 17 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने अपनी पसंद के अनुसार कारपेंटर, सिलाई मशीन संचालन, इलेक्ट्रीशियन, राजमिस्त्री सहित अन्य व्यवसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया। चयनित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने हेतु वेलकम किट भी वितरित की गई।

पुलिस एवं प्रशासन का मानना है कि कौशल विकास के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर अपने परिवार और क्षेत्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकेंगे।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रुपेश डाडे, उप पुलिस अधीक्षक सतीश भार्गव सहित कौशल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कोंडागांव पुलिस और प्रशासन की यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के जीवन में नई उम्मीद और नए भविष्य का द्वार खोलने का प्रयास है, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति का मार्ग चुना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों