Traffic Police की सराहनीय पहल: ग्रीन कॉरिडोर से हार्ट ट्रांसपोर्ट से लेकर गणेश विसर्जन तक, 19 से 25 सितंबर की बड़ी कार्रवाइयां
नई दिल्ली। 19 से 25 सितंबर 2026 के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में ट्रैफिक पुलिस ने आपातकालीन सेवाओं, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए। इनमें मेडिकल इमरजेंसी के दौरान ग्रीन कॉरिडोर बनाने से लेकर गणेश विसर्जन जैसे बड़े आयोजनों में ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित करने तक की व्यवस्थाएं शामिल रहीं।
मुंबई में 27 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर, 23 मिनट में पहुंचा मानव हृदय
20 सितंबर को मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने एक मानव हृदय को वाशी चेक नाका से मुंबई स्थित एचएन रिलायंस अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। करीब 27 किलोमीटर की दूरी महज 23 मिनट में पूरी की गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कॉरिडोर के जरिए हृदय को बिना अनावश्यक रुकावट अस्पताल तक पहुंचाया गया, जहां ट्रांसप्लांट के लिए इसकी जरूरत थी।
ग्रीन कॉरिडोर का उद्देश्य मेडिकल इमरजेंसी में एंबुलेंस या अंग ले जा रहे वाहन को कम से कम यातायात बाधा के साथ अस्पताल तक पहुंचाना होता है।
जोधपुर से जयपुर तक घायल दमकलकर्मियों के लिए ग्रीन कॉरिडोर
24 सितंबर को जोधपुर की एक हस्तशिल्प फैक्ट्री में लगी आग के दौरान घायल हुए 14 दमकलकर्मियों में से छह को बेहतर इलाज के लिए जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया। ट्रैफिक पुलिस ने इनके लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया और अलग-अलग एंबुलेंस को तेजी से जयपुर पहुंचाने के लिए रास्ते में कई स्थानों पर यातायात रोका गया।
गणेश विसर्जन के लिए पुणे में हाईटेक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
25 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन के मद्देनजर पुणे पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। निगरानी के लिए हजारों CCTV कैमरों के साथ AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स, फेस रिकग्निशन सिस्टम और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। विशेष कंट्रोल रूम से भीड़ और यातायात की स्थिति पर नजर रखी गई।
विसर्जन जुलूस के लिए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध भी लागू किए गए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही और आपातकालीन सेवाओं के लिए व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
मुंबई में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई में भी बड़े स्तर पर सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई। रिपोर्ट के अनुसार, गणेश विसर्जन के दौरान 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके साथ ही शहर में विसर्जन स्थलों और जुलूस मार्गों पर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया।
छत्तीसगढ़ में गणेश उत्सव के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन
छत्तीसगढ़ में भी गणेश उत्सव और विसर्जन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए। रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों में प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक नियंत्रण के जरिए लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।
रायपुर में विसर्जन और भीड़ की स्थिति को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई, ताकि जुलूस और आम यातायात के बीच टकराव की स्थिति न बने।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान
इस सप्ताह विभिन्न शहरों में यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाए गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर भी सड़क सुरक्षा, चालान और यातायात नियंत्रण से संबंधित सेवाओं एवं गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध है।
अगरतला में ट्रैफिक पुलिस ने अवैध पार्किंग, बिना परमिट ऑटो रिक्शा और बिना हेलमेट वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की। ऐसे अभियानों का उद्देश्य सड़क पर नियमों के पालन को बढ़ावा देना और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखना है।
इस पूरे सप्ताह के दौरान अलग-अलग शहरों में ट्रैफिक पुलिस की भूमिका केवल चालान और नियमों के प्रवर्तन तक सीमित नहीं रही। मेडिकल इमरजेंसी में ग्रीन कॉरिडोर, बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, तकनीक आधारित निगरानी और ट्रैफिक डायवर्जन जैसी व्यवस्थाओं ने पुलिस के आपातकालीन एवं यातायात प्रबंधन कार्य को भी सामने रखा।
