बालोद पुलिस की पहल: साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने और होल्ड बैंक खातों की समस्या सुलझाने पर जोर

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बालोद। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने और बैंक खातों के होल्ड होने की समस्या का समाधान करने के लिए बालोद पुलिस ने बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की। पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में MRM और GRM पोर्टल के माध्यम से मामलों के निराकरण पर चर्चा की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद श्री चन्द्रकांत गवर्ना और एसडीओपी बालोद श्री विनय साहू उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने साइबर ठगी से जुड़े मामलों में पीड़ितों को राहत पहुंचाने तथा बैंक खातों के होल्ड होने से उत्पन्न समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

MRM पोर्टल से साइबर ठगी की राशि वापस दिलाने पर जोर

बैठक में साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों की होल्ड हुई राशि वापस दिलाने के लिए MRM पोर्टल के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करने पर चर्चा की गई। पुलिस और बैंक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर नियमानुसार प्रकरणों का निराकरण करने तथा पीड़ितों को राहत दिलाने के प्रयासों पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने संबंधित मामलों में समय पर कार्रवाई करने और प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की, ताकि साइबर ठगी से प्रभावित लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

GRM पोर्टल से होल्ड बैंक खातों की समस्याओं का समाधान

बैठक में उन बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई, जिन्हें किसी अज्ञात स्रोत से राशि प्राप्त होने के कारण होल्ड किया गया है। ऐसे मामलों में खाताधारकों की समस्या समझने, आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों की जांच करने तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

बालोद पुलिस और बैंक अधिकारियों ने आपसी समन्वय के माध्यम से ऐसे प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसका उद्देश्य खाताधारकों को प्रक्रिया की सही जानकारी उपलब्ध कराना और पात्र मामलों में समस्या का समाधान सुनिश्चित करना है।

बालोद पुलिस की नागरिकों से अपील

बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अनजान व्यक्तियों के कहने पर अपने बैंक खाते से किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।

पुलिस ने चेतावनी दी कि थोड़े से लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने देना साइबर अपराध में खाते के दुरुपयोग का कारण बन सकता है और खाताधारक को कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यदि किसी व्यक्ति का बैंक खाता बिना जानकारी के होल्ड हो गया है, तो उसे संबंधित बैंक शाखा में जाकर इसका कारण और आगे की प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। यदि मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा है, तो संबंधित पुलिस इकाई से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के साथ नियमानुसार कार्रवाई में सहयोग करना चाहिए।

बालोद पुलिस की इस पहल का उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस और बैंक के बीच समन्वय बढ़ाना, पीड़ितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया को गति देना और बैंक खातों से संबंधित समस्याओं के उचित निराकरण में मदद करना है।

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