त्योहारों पर यातायात व्यवस्था से सड़क सुरक्षा तक: 24 से 30 अक्टूबर के बीच ट्रैफिक पुलिस के सराहनीय कार्य

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त्योहारों के मौसम में सड़कों पर बढ़ती भीड़, बाजारों में जाम और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए देशभर की यातायात पुलिस ने 24 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस दौरान छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तकनीक के इस्तेमाल से लेकर नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तक कई सराहनीय पहल देखने को मिलीं। वहीं, गुरुग्राम और दिल्ली में भी यातायात नियमों के पालन और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विशेष अभियान चलाए गए।

रायपुर में धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने ‘त्रिनेत्र’ नामक तीन स्तरीय हाईटेक निगरानी प्रणाली शुरू की। इस व्यवस्था के माध्यम से भीड़भाड़ वाले बाजारों और संकरे रास्तों पर यातायात की निगरानी की जा रही है। इसमें आईटीएमएस कैमरों, गूगल मैप्स के लाइव यातायात आंकड़ों और ड्रोन की मदद ली जा रही है। इसका उद्देश्य जाम की स्थिति पर समय रहते नियंत्रण करना, अवैध पार्किंग रोकना और त्योहारों के दौरान लोगों को सुगम यातायात उपलब्ध कराना है।

रायपुर में ही 25 अक्टूबर की रात नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में शहर के नौ प्रमुख चौराहों पर श्वास जांच यंत्रों की मदद से वाहन चालकों की जांच की गई। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 40 चालकों सहित कुल 53 वाहन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे में वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना था।

सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विशेष जांच अभियान के दौरान महज दो दिनों में 193 लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस पहल के जरिए तेज रफ्तार, लापरवाही और अन्य यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को सख्त संदेश दिया गया।

इसी क्रम में हरियाणा के गुरुग्राम में 24 अक्टूबर को यातायात पुलिस ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 300 चालकों ने हिस्सा लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क सुरक्षा के नियमों, जिम्मेदार वाहन संचालन और दुर्घटनाओं से बचाव के तरीकों की जानकारी दी। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ऑटो और ई-रिक्शा की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।

वहीं, राजधानी दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन को लेकर 27 अक्टूबर को विशेष कार्रवाई की गई। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत दिल्ली यातायात पुलिस ने फर्जी नो एंट्री परमिट का इस्तेमाल कर शहर में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई। इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का उल्लंघन रोकना और प्रतिबंधित वाहनों की अनधिकृत आवाजाही पर अंकुश लगाना था।

कुल मिलाकर 24 से 30 अक्टूबर 2026 का सप्ताह यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। रायपुर में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और विशेष जांच अभियानों ने यातायात प्रबंधन की नई दिशा दिखाई, जबकि गुरुग्राम और दिल्ली में जागरूकता तथा नियमों के पालन पर जोर दिया गया। इन प्रयासों से स्पष्ट है कि सुरक्षित सड़कें बनाने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका प्रभावी पालन और लगातार निगरानी भी जरूरी है।

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