शराब से स्वालंबन की ओर: सामुदायिक पुलिसिंग से बदल रही जांजगीर-चांपा की तस्वीर
शिवरीनारायण थाना परिसर में आयोजित काउंसलिंग बैठक में पुलिस ने ग्रामीणों को अवैध शराब निर्माण छोड़कर शासन की योजनाओं से जुड़ने और स्वालंबन अपनाने की समझाइश दी। ग्रामीणों ने पहल का स्वागत कर मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प लिया।
जांजगीर-चांपा, 27 अगस्त। जिले की पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग की एक सराहनीय पहल की है। अवैध शराब के कारोबार को रोकने और ग्रामीणों को स्वालंबन की राह पर लाने के लिए थाना शिवरीनारायण पुलिस ने एक काउंसलिंग बैठक आयोजित की, जिसमें दर्जनों ग्रामीणों ने भाग लिया और सकारात्मक बदलाव का संकल्प लिया।
यह बैठक पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के निर्देशन में आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री यदुमणि सिदार ने की। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सरपंच श्रीमती चंद्रकांता खुंटे (लोहर्सी), पवन साहू (देवरी), अरविंद गोंड (खोरसी) सहित लगभग 55–60 ग्रामीणजन मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि अवैध महुआ शराब का निर्माण और बिक्री न केवल अपराध है बल्कि यह समाज में नशे की लत, अपराध की घटनाएँ और आर्थिक-सामाजिक नुकसान भी बढ़ाता है। साथ ही पुलिस ने जानकारी दी कि शासन की कौशल विकास और स्वालंबन योजनाओं से जुड़कर ग्रामीण वैकल्पिक रोजगार पा सकते हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों की बेहतरी होगी।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया और भरोसा दिलाया कि वे अवैध शराब निर्माण और बिक्री बंद कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर मुख्यधारा से जुड़ने के प्रयास करेंगे।
पुलिस का संदेश साफ है –
👉 “अवैध कार्य छोड़ें, शासन की योजनाओं से जुड़ें, समाज और परिवार की प्रगति की ओर कदम बढ़ाएँ।”
यह कदम न केवल कानून व्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि कम्युनिटी पुलिसिंग का एक सफल उदाहरण भी बनेगा, जो आने वाले समय में पूरे जिले के लिए प्रेरणा साबित होगा।
