“पहल” अभियान: मुंगेली पुलिस ने अनोखे अंदाज़ में दिया जागरूकता का संदेश

मुंगेली पुलिस ने एसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में “पहल” जागरूकता अभियान का आयोजन किया। जिले के 11 स्कूलों के 5000 से अधिक विद्यार्थियों और सैकड़ों शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। विद्यार्थियों ने हाथों पर मेहंदी से “पहल” लिखकर साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, यातायात नियम पालन और महिला-बाल सुरक्षा का संदेश दिया।

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मुंगेली। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के दिशा-निर्देशन में मुंगेली पुलिस ने जागरूकता की दिशा में एक अभिनव पहल की है। “पहल” शीर्षक से आयोजित इस विशेष अभियान ने जिलेभर में न केवल बच्चों बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भी एक मजबूत सामाजिक संदेश छोड़ा।

जिले के 11 विद्यालयों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 5000 विद्यार्थी और सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान विद्यार्थियों ने एक अनोखी शैली अपनाते हुए अपने हाथों पर मेंहदी से “पहल” लिखकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया।

चार अहम मुद्दों पर फोकस

अभियान का उद्देश्य सिर्फ औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों के माध्यम से पूरे समाज तक चेतना पहुँचाना था। इस दौरान चार प्रमुख सामाजिक और कानूनी विषयों पर विशेष बल दिया गया:

साइबर अपराधों से बचाव और सतर्कता नशामुक्ति और युवाओं को सही दिशा देना यातायात नियमों का पालन और सड़क सुरक्षा बच्चों और महिलाओं के प्रति अपराधों के खिलाफ जागरूकता

युवाओं की भागीदारी बनी खास आकर्षण

आम तौर पर जागरूकता अभियानों में संदेश भाषणों या पोस्टरों तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे अलग पहचान दी। मेहंदी जैसे सांस्कृतिक माध्यम का उपयोग करके विद्यार्थियों ने एक सरल लेकिन प्रभावी संदेश समाज तक पहुँचाया, जो लंबे समय तक याद रहेगा।

पुलिस-समाज साझेदारी का नया मॉडल

इस मौके पर शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ कदम मिलाते हुए अभियान का समर्थन किया। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों में उत्साह साफ झलक रहा था। कई छात्रों ने कहा कि यह पहल उन्हें न केवल जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है बल्कि अपने परिवार और समाज को सही संदेश देने की जिम्मेदारी भी सौंपती है।

एसपी भोजराम पटेल ने बताया कि “पुलिस तभी प्रभावी हो सकती है जब समाज उसका भागीदार बने। ‘पहल’ का मकसद है कि नई पीढ़ी को सही दिशा देकर अपराध और नशे के खिलाफ एक सामूहिक चेतना विकसित की जाए।”

भविष्य की राह

मुंगेली पुलिस इस अभियान को केवल एक बार के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहती। पुलिस की योजना है कि आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि हर वर्ग तक जागरूकता का संदेश पहुँच सके।

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