नक्सलगढ़ के युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनी BSF, कोचिंग-ट्रेनिंग से मिल रही सरकारी नौकरी
नारायणपुर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की दिशा देने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) लगातार सराहनीय प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में नारायणपुर जिले के तेलसी स्थित बीएसएफ 135वीं वाहिनी परिसर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आदिवासी युवाओं के लिए एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ अधिकारियों ने छात्रों से संवाद कर उन्हें उच्च स्तरीय सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए प्रेरित किया। बीएसएफ की देखरेख और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके नारायणपुर के कई आदिवासी छात्र अब तक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं।
इस अवसर पर बीएसएफ कमांडेंट नवल सिंह ने बताया कि पिछले एक वर्ष से विशेष कोचिंग और ट्रेनिंग कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को तैयार किया जा रहा है। इस पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है, जहां अब तक 42 से अधिक युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सरकारी सेवाओं में स्थान बनाया है।
कमांडेंट ने छात्राओं को बीएसएफ की महिला सिपाहियों को अपना आदर्श मानने की सलाह दी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल राज्य स्तरीय नौकरियों तक सीमित न रहें, बल्कि केंद्र सरकार की 24 हजार से अधिक नौकरियों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी करें।
बीएसएफ की इस पहल से नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिल रहा है। आगामी शिक्षक भर्तियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षक दिवस (5 सितंबर) से विशेष कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने की भी घोषणा की गई है। साथ ही छात्रों की मांग पर प्रशिक्षण केंद्र में पुस्तकें, कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
कमांडेंट नवल सिंह ने कहा कि मेहनत और लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने वाले युवाओं को सफलता जरूर मिलती है। बीएसएफ का उद्देश्य है कि बस्तर अंचल के युवा शिक्षा, खेल और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ें और क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनें। बस्तर के कई जिलों में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
