सूरजपुर जेल में “निश्चय” की शुरुआत! युवा बंदियों को मिलेगा सुधार और नई जिंदगी का मौका
जिला जेल सूरजपुर में युवा बंदियों के पुनर्वास के उद्देश्य से “निश्चय” कार्यक्रम आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ जेल एवं सुधार सेवाएं की इस पहल का लक्ष्य 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करना है। कार्यक्रम में कलेक्टर जयवर्धन और डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर की उपस्थिति रही, जिन्होंने बंदियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि जेल की चारदीवारी को केवल सजा का स्थान नहीं, बल्कि सुधार के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, यही “निश्चय” कार्यक्रम की मूल भावना है। उन्होंने बंदियों को योग, ध्यान और काउंसलिंग सत्रों का लाभ उठाकर अपने व्यवहार और सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सलाह दी।
डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि “निश्चय” कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास, संस्कृति और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बंदियों से अपील की कि रिहाई के बाद वे नई सोच के साथ समाज में लौटें और गलत संगति से दूरी बनाकर एक बेहतर भविष्य का निर्माण करें।
जिला जेल अधीक्षक अक्षय तिवारी ने बताया कि “निश्चय” कार्यक्रम के अंतर्गत कानूनी जागरूकता, आर्ट ऑफ लिविंग, योग और विभिन्न कौशल प्रशिक्षण नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में और भी व्यावसायिक प्रशिक्षण जोड़े जाएंगे, ताकि बंदी आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के अंत में बंदियों ने सकारात्मक जीवन जीने और कानून का पालन करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि “निश्चय” पहल युवाओं को नया अवसर देने और समाज में सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
