गांजा तस्करी में बलौदाबाजार पुलिस की मजबूत पैरवी, आरोपी को 10 साल की सजा; कोर्ट ने लगाया ₹1 लाख जुर्माना
बलौदाबाजार-भाटापारा। गांजा तस्करी के मामले में बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की ठोस विवेचना और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी का असर सामने आया है। माननीय विशेष न्यायालय (NDPS Act) बलौदाबाजार ने गांजा तस्करी के आरोपी कृष्णेन्द्र उर्फ कन्हैया त्रिपाठी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर ₹1 लाख का अर्थदंड भी लगाया है।

कार में 53 किलो से ज्यादा गांजा लेकर जा रहा था आरोपी
मामला गांजा तस्करी से जुड़ा है, जिसमें आरोपी को कार क्रमांक MP 19 CA 9503 में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ ले जाते हुए पकड़ा गया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से कुल 53.100 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था।
पुलिस ने बरामदगी के बाद मामले में NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की थी।
सतना का रहने वाला है आरोपी
दोषी ठहराया गया आरोपी कृष्णेन्द्र उर्फ कन्हैया त्रिपाठी, उम्र 20 वर्ष, मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के डाम्हा गांव का निवासी है।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाकर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया। पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹1 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई।
नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश
इस फैसले से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा की गई प्रभावी विवेचना और न्यायालय में मजबूत पैरवी ने यह सुनिश्चित किया कि आरोपी को उसके अपराध के लिए कड़ी सजा मिले।
पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
