ऑपरेशन आघात में रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार, यूपी के 8 गांजा तस्कर गिरफ्तार; 34.865 किलो गांजा समेत 61.53 लाख की संपत्ति जब्त

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रायगढ़: नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के 8 गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34 पैकेट में रखा 34.865 किलोग्राम गांजा, टाटा सफारी, दो हुंडई औरा कार, एक स्कूटी और 8 मोबाइल फोन समेत कुल 61 लाख 53 हजार 200 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस कार्रवाई से ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक संचालित अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।

लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि टाटा सफारी में गांजे की बड़ी खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश की ओर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम कमरगा में नाकाबंदी की। इस दौरान तेज रफ्तार टाटा सफारी को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने पुलिस के निजी वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए ग्राम मोतीपुर के पास वाहन को घेर लिया।

इस दौरान पुलिस को पता चला कि एक स्कूटी टाटा सफारी के आगे-आगे चलकर उसकी पायलटिंग कर रही थी। पुलिस की घेराबंदी देखकर दोनों वाहनों के चालक भागने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में टाटा सफारी चालक अनिल कुमार चौधरी और स्कूटी चालक गगन कुमार चौधरी, दोनों के उत्तर प्रदेश निवासी होने की जानकारी सामने आई।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके साथ छह अन्य तस्कर भी दो हुंडई औरा कारों में आगे चल रहे थे और तस्करी के काफिले की पायलटिंग कर रहे थे। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरिया पुलिस ने दोनों हुंडई औरा कारों को कंचनपुर बैरियर और बरगढ़ जाने वाले मार्ग पर संदेह के आधार पर पकड़ लिया। दोनों जिलों की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34.865 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 17 लाख 43 हजार 200 रुपये बताई गई है, बरामद किया। इसके अलावा करीब 2 लाख रुपये की टाटा सफारी, 30 हजार रुपये की स्कूटी, करीब 9-9 लाख रुपये की दो हुंडई औरा कार और करीब 80 हजार रुपये के 8 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। कुल जब्ती की कीमत 61 लाख 53 हजार 200 रुपये है।

गिरफ्तार आरोपियों में अनिल कुमार चौधरी, गगन कुमार चौधरी, संदीप सिंह, ललित पाल, शुभम सिंह, दीपांशु सिंह, प्रिंस सिंह और देवेन्द्र तिवारी शामिल हैं। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) और 29 के तहत कार्रवाई की है। मामले में तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गांजे की सप्लाई चेन के संबंध में जांच जारी है।

रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई में लैलूंगा पुलिस और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरिया पुलिस के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। तस्करों द्वारा वाहनों की पायलटिंग के जरिए पुलिस को चकमा देने की कोशिश के बावजूद पुलिस टीम ने पूरे काफिले को पकड़कर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया।

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