कोण्डागांव पुलिस का अनोखा साइबर जागृति ओपन माइक, नाटक-संगीत के जरिए दिया ऑनलाइन ठगी से बचने का संदेश

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कोण्डागांव। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत कोण्डागांव जिले में एक अनूठी पहल की गई। पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों से अलग पुलिस ने ‘साइबर जागृति ओपन माइक’ सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया।

नाटक, लोकगीत और संगीत के जरिए साइबर सुरक्षा की सीख

अभियान के तहत फरसगांव, माकड़ी और अनंतपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पुलिस अधिकारियों और जवान कलाकारों के साथ स्थानीय लोक कलाकारों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया।

कार्यक्रमों में नाटक, सामूहिक नृत्य, लोकगीत, कविता, भाषण के साथ पियानो, तबला और बांसुरी जैसे वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ठगी जैसे साइबर अपराधों से बचने के उपायों को सरल भाषा में समझाया गया।

फरसगांव और माकड़ी में खुला मंच, युवाओं ने भी दिखाई प्रतिभा

फरसगांव के जनपद मैदान और माकड़ी के दुर्गा मंच पर आयोजित ओपन माइक में स्थानीय नागरिकों और युवाओं को भी अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला। मनोरंजन और जागरूकता के इस संयोजन के जरिए साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश को स्थानीय समुदाय तक सहज तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया।

QR कोड स्कैन कर ली साइबर जागृति की सेल्फी

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित दर्शकों और कलाकारों ने QR कोड पोस्टर स्कैन कर ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ ली। इसके साथ ही सभी ने साइबर अपराध से बचाव और जागरूक रहने की सामूहिक शपथ भी ली।

छत्तीसगढ़ पुलिस का यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। कोण्डागांव में आयोजित ओपन माइक कार्यक्रमों के जरिए पुलिस ने साइबर सुरक्षा को कला, संगीत और स्थानीय सहभागिता से जोड़कर जागरूकता का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।

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