महिला पुलिस और सुरक्षा बलों की सक्रियता से मजबूत हुई महिला सुरक्षा, बेंगलुरु सम्मेलन से CRPF के 40 साल तक सामने आईं अहम पहल
नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में महिला पुलिसकर्मियों और महिला सुरक्षा बलों की ओर से सुरक्षा, जागरूकता और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई पहल सामने आई हैं। इस दौरान बेंगलुरु में राष्ट्रीय महिला सम्मेलन, दिल्ली में महिला पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, मानेसर में महिला सुरक्षा जागरूकता अभियान, राजनांदगांव में संवेदनशील मामले में कार्रवाई और CRPF की महिला बटालियन के 40 वर्ष पूरे होने जैसे प्रमुख घटनाक्रम चर्चा में रहे।
बेंगलुरु में राष्ट्रीय महिला सम्मेलन, महिला सुरक्षा पर मंथन
बेंगलुरु में तीसरे राष्ट्रीय महिला सम्मेलन 2026 की शुरुआत हुई। सम्मेलन की थीम “गांधीजी रीविजिटेड: वीमेन्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी इन फ्री इंडिया” रखी गई। इसमें वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कार्यस्थल, सार्वजनिक स्थानों और डिजिटल दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
सम्मेलन में महिला सुरक्षा के लिए रोकथाम आधारित, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साइबर खतरों समेत महिलाओं से जुड़े सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाने पर भी विचार किया गया।

दिल्ली पुलिस की महिला टीम ने महिला और दो बच्चों को बचाया
दिल्ली में महिला सुरक्षा से जुड़ी विशेष पेट्रोलिंग और जागरूकता पहल के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की सतर्कता सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, PCR स्टाफ में तैनात महिला कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया से एक महिला और उसके दो बच्चों को असुरक्षित स्थिति से समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
मानेसर में महिला सुरक्षा और साइबर अपराध को लेकर जागरूकता
गुरुग्राम के मानेसर स्थित महिला पुलिस थाना की टीम ने कामकाजी महिलाओं के बीच महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और साइबर अपराध से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। दुर्गा शक्ति PCR-6 की टीम ने महिलाओं से संवाद कर उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
राजनांदगांव में संवेदनशील मामले में त्वरित पुलिस कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में घुमका थाना क्षेत्र के एक संवेदनशील महिला संबंधी मामले में पुलिस और साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी को कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की गई।
CRPF महिला बटालियन के 40 वर्ष पूरे
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की महिला बटालियन के गठन के 40 वर्ष पूरे होने का अवसर भी इस सप्ताह महत्वपूर्ण रहा। CRPF के अनुसार, देश की पहली महिला बटालियन 88वीं महिला बटालियन का गठन 6 फरवरी 1986 को किया गया था। वर्तमान में CRPF के पास छह महिला बटालियन हैं।
CRPF की महिला कर्मियों ने कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और विभिन्न परिचालन भूमिकाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। 40 वर्ष पूरे होने के अवसर पर महिला कर्मियों की सेवा और योगदान को रेखांकित किया गया।
इन घटनाक्रमों से महिला पुलिसकर्मियों और महिला सुरक्षा बलों की भूमिका के अलग-अलग पहलू सामने आते हैं—कहीं त्वरित रेस्क्यू और जागरूकता अभियान, तो कहीं पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श और सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती परिचालन भूमिका।
