खैर लकड़ी तस्करी और फर्जी बिलिंग नेटवर्क पर महासमुंद पुलिस का शिकंजा, 1.70 करोड़ रुपये नकद जब्त
महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी व बिलिंग के मामले में महासमुंद पुलिस ने कई राज्यों में कार्रवाई तेज कर दी है। ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गिरोह से जुड़े ठिकानों पर दबिश देकर अब तक कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। कार्रवाई के दौरान तस्करी से अर्जित बताई जा रही 1 करोड़ 70 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में तस्कर मनीष अग्रवाल और संजय छाबड़िया से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई। आरोप है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अवैध खैर लकड़ी के निपटान में सहायता के लिए किया जा रहा था।
इसी कड़ी में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आरोपियों की फर्म श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम में भी दबिश दी गई। यहां से करीब 15 टन अवैध खैर लकड़ी बरामद कर जब्त की गई।
हिमाचल प्रदेश से आरोपी गिरफ्तार
मामले में महासमुंद पुलिस ने कथित फर्जी बिलिंग सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य और शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लेकर आई है। उसे न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
वन तस्करी के मामले में जांच जारी
पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अवैध लकड़ी के परिवहन व बिलिंग से संबंधित गतिविधियों की जांच की जा रही है।
महासमुंद पुलिस की ओर से विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की जांच का उद्देश्य अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से जुड़े नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाना है।
