सिक्किम में एसएसबी जवानों ने पेश की मानवता की मिसाल, सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे पर्यटक को ऑक्सीजन देकर बचाई मदद

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गेजिंग, सिक्किम। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने एक बार फिर सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व की भावना का परिचय देते हुए सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे एक पर्यटक की मदद की। 36वीं वाहिनी एसएसबी, गेजिंग के जवानों ने तुमलिंग–फालुट क्षेत्र से लौट रहे पर्यटक को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। जवानों की तत्परता से पर्यटक को तत्काल सहायता मिल सकी।

जानकारी के अनुसार, तुमलिंग–फालुट से लौटते समय एक पर्यटक को सांस लेने में परेशानी होने लगी। स्थिति को देखते हुए 36वीं वाहिनी एसएसबी के जवानों ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए पर्यटक को ऑक्सीजन देकर राहत पहुंचाई। ऐसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों को अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

प्राथमिक सहायता के बाद उपचार के लिए भेजा

ऑक्सीजन दिए जाने के बाद पर्यटक की स्थिति सामान्य हुई। इसके बाद उन्हें आगे के उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सुखिया पोखरी भेजा गया। वहां आगे की चिकित्सकीय सहायता के लिए व्यवस्था की गई। हालांकि, पर्यटक की पहचान और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

सेवा और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता

एसएसबी का यह कदम बल के सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व के संदेश को दर्शाता है। सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारियों के साथ जरूरत के समय आम नागरिकों और पर्यटकों की सहायता करना भी मानवीय कर्तव्य का महत्वपूर्ण उदाहरण है। जवानों की इस पहल से मुश्किल परिस्थितियों में मदद और संवेदनशीलता का संदेश सामने आया है।

पर्यटकों की सुरक्षा में त्वरित सहायता महत्वपूर्ण

तुमलिंग–फालुट जैसे पहाड़ी पर्यटन क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल सहायता आवश्यक हो सकती है। ऐसे में सुरक्षा बलों की सतर्कता और समय पर मदद पर्यटकों के लिए उपयोगी साबित होती है। 36वीं वाहिनी एसएसबी के जवानों द्वारा की गई इस सहायता ने मानवीय सेवा की भावना को उजागर किया।

एसएसबी का आदर्श वाक्य “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” इसी भावना को व्यक्त करता है। संकट के समय पर्यटक की सहायता कर जवानों ने यह संदेश दिया कि जरूरतमंद की मदद करना भी सेवा का अहम हिस्सा है।

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