रायगढ़ में बिरयानी खाने के लिए लूटपाट, विरोध करने पर युवक की चाकू मारकर हत्या; 24 घंटे में मामला सुलझा
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास मिले अज्ञात व्यक्ति के शव के हत्या मामले का जूटमिल पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बिरयानी खाने के लिए रुपये जुटाने के इरादे से आरोपियों ने सड़क किनारे सो रहे व्यक्ति से लूटपाट करने की कोशिश की। व्यक्ति के जागने और विरोध करने पर उस पर बटन चाकू से कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में एक 19 वर्षीय युवक और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात पुरुष का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना पर जूटमिल थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान मृतक के सीने और कंधे सहित शरीर पर चोट के निशान पाए गए। मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष आंकी गई, लेकिन तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को मरच्युरी में सुरक्षित रखवाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का मामला दर्ज
अगले दिन चिकित्सकों से मिली प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक बताए जाने के बाद जूटमिल थाने में अपराध क्रमांक 656/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया। गंभीर घटना को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और अन्य अधिकारियों ने जांच की दिशा तय की। थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा संदिग्धों की तलाश शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से संदिग्धों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में करीब 15 से 16 वर्ष के लड़के शामिल हो सकते हैं। संदिग्धों के हुलिए के आधार पर मुखबिरों को सक्रिय किया गया। इसके बाद मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई क्षेत्रों में दबिश देकर पुलिस ने राजेश्वर सारथी उर्फ समारू (19 वर्ष) और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।
बिरयानी के लिए रुपये जुटाने की बात आई सामने
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और रुपये जुटाने के लिए चोरी तथा लूटपाट जैसी वारदातें करते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि 23 अक्टूबर की रात करीब एक बजे आरोपी नशे की हालत में थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने बिरयानी खाने की इच्छा जताई और पैसे जुटाने के लिए लूटपाट की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, दो आरोपी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल से ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे, जबकि अन्य तीन उनके पीछे वहां पहुंचे। फल की दुकान के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक के नजदीक एक व्यक्ति सोया हुआ दिखाई दिया। आरोपियों ने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकालने की कोशिश की। इसी दौरान व्यक्ति जाग गया और विरोध करने लगा। पुलिस का आरोप है कि एक विधि से संघर्षरत बालक ने बटन चाकू से मृतक की भुजा, सीने, जांघ और पीठ पर कई वार किए। इसके बाद आरोपियों ने मृतक की जेब से 700 रुपये निकालकर आपस में बांट लिए।
चाकू, खून लगे कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त
जूटमिल पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कथित वारदात में इस्तेमाल किया गया बटन चाकू, घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े और एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान भी जोड़ा गया है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले का शीघ्र खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने जांच में महत्वपूर्ण सुराग देने वाले नागरिकों को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए। कार्रवाई में निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक दिव्या बंजारे और वेदवती कुमेटी, एएसआई राजेन्द्र पटेल तथा अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।
एसएसपी ने कहा कि गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मृतक की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में पुलिस की ओर से आगे की जानकारी सामने आने की संभावना है।
हीरा मोटवानी
डिस्ट्रिक्ट ब्यूरो चीफ़
रायगढ़ छ. ग.
