चैतन्य बघेल के सर्कल में हलचल! ED को मिले ऐसे सुराग जो बदल सकते हैं पूरा खेल
ED की कार्रवाई के बाद चैतन्य बघेल के करीबियों से पूछताछ में मिले चौंकाने वाले सुराग, जांच की दिशा बदलने के आसार।
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में चल रही शराब घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब उनके नजदीकी सहयोगियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने रायपुर और दुर्ग से जुड़े सात कारोबारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे हैं। इन कारोबारियों में होटल व्यवसायी, सराफा कारोबारी और रेलवे से जुड़े ठेकेदार शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि ईडी ने चैतन्य बघेल से पांच दिनों तक चली पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर संबंधित कारोबारियों को तलब किया गया है।
ईडी का यह भी दावा है कि चैतन्य बघेल का संपर्क एक प्रमुख सराफा व्यापारी, शराब कारोबारी, ट्रांसपोर्टर लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल, रेलवे ठेकेदार विजय अग्रवाल, त्रिलोक सिंह ढिल्लन और दीपेंद्र चावड़ा से था। ईडी को संदेह है कि इन लोगों की मदद से शराब घोटाले की बड़ी रकम रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश की गई।
जांच एजेंसी ने दुर्ग स्थित बघेल बिल्डकॉन और बिलासपुर के एक नामी बिल्डर को भी अपने रडार पर लिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, ईडी ने इस घोटाले के जरिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को वैध बनाए जाने की संभावना जताई है।
पिछले सप्ताह ईडी ने होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल और उनसे जुड़े चार अन्य स्थानों पर छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि विजय, जयपुर में आयोजित महादेव सट्टा एप से जुड़े सौरभ आहूजा की शादी समारोह में अपने परिवार व करीबियों के साथ शामिल हुए थे, जिसके बाद से वे जांच एजेंसी की निगरानी में आ गए।
