“शर्मनाक! रायपुर थाने में महिला को पीटा गया, टीआई ने खुद मंगवाए डंडे – FIR दर्ज करने कोर्ट को देना पड़ा आदेश”
रायपुर (कोतवाली) – राजधानी सहित कोतवाली थाने में महिलाओं से अपमानजनक व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट को लेकर अदालत के निर्देशों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़िता यास्मीन बानो ने अपने पति और उनके परिजनों से सोशल व पारिवारिक विवाद के बाद महिला थाना रायपुर में न्यायिक सहायता की मांग की थी।
यास्मीन ने महिला थाना में तीन बार काउंसलिंग की, लेकिन एफआईआर दर्ज न होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक, रायपुर के समक्ष शिकायत की। कोर्ट के निर्देश मिलने के बाद जब यास्मीन को थाने बुलाया गया, तब आरोप है कि वहाँ मौजूद सैय्यद आसिफ अली अपने साथियों—देवेन्द्र सोनकर और भरत ठाकुर के साथ—अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
आरोप है कि महिला थाना प्रभारी वेदवती दरियो ने पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया और पीड़िता की बात को अनसुना कर दिया। इस दौरान जब यास्मीन की मां ने विरोध किया, तो टीआई वेदवती दरियो ने बेल्ट निकालकर अपने स्टाफ से डंडे लाने को कहा। फिर शारदा वर्मा, फगेश्वरी कंवर सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर यास्मीन और उनके परिवार पर हमला किया, जिससे उनकी गर्दन व पीठ पर बेल्ट व डंडे के निशान गंभीर रूप से दिखाई दे रहे हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भूपेश कुमार बंसत की अदालत ने 3 जुलाई को धारा 156(3) के तहत यह निर्देश दिया था। अदालत के आदेशानुसार कोतवाली थाने में टीआई वेदवती दरियो, शारदा वर्मा, फगेश्वरी कंवर और सैय्यद आसिफ अली के खिलाफ आईपीसी की धाराएँ 294 (अपशब्द उनका), 323 (शारीरिक चोट), 506(2) (आतंक), 34 (साझा अपराध) के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस मुकदमे की जांच अभी जारी है।
इससे पहले एक अन्य प्रमुख मामला सामने आया था, जिसमें टीआई वेदवती दरियो को एसीबी ने 20,000 रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था, जब उन्होंने दहेज प्रताड़ना के केस में एफआईआर दर्ज कराने के नाम पर 50,000 रुपयों की मांग की थी। उनसे रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वे जेल भी गई थीं।
मुख्य बिंदु:
- यास्मीन बानो ने पारिवारिक विवाद पर पुलिस से न्यायिक कदम उठाने की मांग की थी।
- महिला थाना में तीन बार काउंसलिंग के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया गया।
- अदालत के आदेश के बाद थाने बुलाए जाने पर महिला अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ मारपीट व अपमानजनक व्यवहार की शिकायत।
- अदालत ने 3 जुलाई को धारा 156(3) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया।
- आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराएँ 294, 323, 506(2), 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
- जांच चल रही है और आगे कार्रवाई संभव है।
