गरियाबंद में पुलिस विवेचकों को नए आपराधिक कानून व विशेष अधिनियमों पर प्रशिक्षण
गरियाबंद जिले में पुलिस विवेचकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों और विशेष अधिनियमों के तहत विवेचना की गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाना था। इस पहल को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) श्रीमती शीतल दुबे ठाकुर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) श्री विकास टोप्पो और श्री प्रदीप बेलोजिया ने मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों ने विवेचकों को एनडीपीएस एक्ट, पोक्सो एक्ट, आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट से जुड़े प्रकरणों की विवेचना में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से जानकारी दी।

डीपीओ श्रीमती शीतल दुबे ठाकुर ने खास तौर पर महिला और बच्चों से जुड़े मामलों तथा पोक्सो एक्ट के तहत विवेचना में आने वाली जटिलताओं पर चर्चा की। उन्होंने विवेचकों को सुझाव दिया कि केस की जांच करते समय किस प्रकार सावधानी और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
वहीं, एडीपीओ विकास टोप्पो और प्रदीप बेलोजिया ने एनडीपीएस, आबकारी और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामलों पर गहन जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान सबूतों को सुरक्षित रखने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने से अदालत में मामलों की मजबूती बढ़ती है।

ऑफलाइन और ऑनलाइन आयोजित इस प्रशिक्षण में विवेचकों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे। अभियोजन अधिकारियों ने सभी सवालों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर दिए। इस पहल से जिले के विवेचकों को न केवल कानूनी जानकारी मिली, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी साझा हुआ, जिससे भविष्य में जांच कार्य और भी प्रभावी हो सकेगा।
