‘पुनः मार्गमे’ की बड़ी सफलता: 23 लाख के इनामी 4 माओवादी मुख्यधारा में लौटे

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10 dec 4.1

कांकेर में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। राज्य शासन की शांति, संवाद और विकास आधारित ‘पुनः मार्गमे: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ नीति के सकारात्मक प्रभाव से 4 माओवादी कैडर ने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी का निर्णय लिया। इनमें 2 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

ये सभी कैडर उत्तर बस्तर डिवीजन, डीके टेक्निकल टीम और गढ़चिरौली डिवीजन से जुड़े रहे हैं और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे।


वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष किया आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण की कार्रवाई बीएसएफ और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस दौरान श्री आई.के. इलिसेला (भापुसे), पुलिस अधीक्षक कांकेर भी मौजूद रहे।

सरकारी पुनर्वास नीति, पुलिस के लगातार जनसंपर्क अभियान और “पुनः मार्गमे” कार्यक्रम के सकारात्मक माहौल ने इन कैडरों को हिंसा छोड़कर शांति का रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया।


मुख्यधारा में लौटे माओवादी—प्रमुख विवरण

(01) काजल उर्फ राजिता वेड्डा
• कंपनी नंबर 10 सदस्य
• इनाम: ₹8 लाख
• भर्ती वर्ष: 2021
• नवंबर 2024 पैसेंजर एन्काउंटर (5 नक्सली मारे गए) में शामिल

(02) मंझूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई
• उत्तर बस्तर डिवीजन टेक्निकल टीम—ACM
• इनाम: ₹5 लाख
• भर्ती वर्ष: 2005
• 16 से अधिक घटनाओं में शामिल
• 2008 IED ब्लास्ट (3 जवान शहीद)
• 2009 कोरकोटी एम्बुश (29 जवान शहीद)

(03) विलास उर्फ चैतू उसांदी
• डीके टेक्निकल प्लाटून 50—PPCM
• इनाम: ₹5 लाख
• भर्ती वर्ष: 1995
• 2007 साधूमिचगांव मोड़ IED (5 जवान शहीद)
• मार्च 2025 पोडेबेड़ा—बीनागुंडा एन्काउंटर में भूमिका

(04) रामसाय उर्फ लखन मर्रापी
• बादागांव LOS डिप्टी कमांडर—ACM
• इनाम: ₹5 लाख
• भर्ती वर्ष: 2004
• 42 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल
• 2008, 2010, 2019 के कई एम्बुश में जवान शहीद
• 2024 हिंदूर एन्काउंटर में शामिल


पुनर्वास प्रक्रिया जारी — 50,000 रुपये की त्वरित सहायता

आत्मसमर्पण के बाद सभी कैडरों की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक माओवादी को ₹50,000 की त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

इन सभी ने संविधान पर आस्था जताते हुए शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।


एसपी आई.के. इलिसेला की अपील

एसपी श्री आई.के. इलिसेला ने कहा—
“छत्तीसगढ़ शासन की पुनः मार्गमे नीति माओवादी साथियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन का मार्ग खोलती है। हिंसा और भटकी विचारधारा छोड़ने वालों का सरकार हर संभव सहयोग करेगी। समाज में लौटने के लिए यह सर्वोत्तम समय है।”

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