बस्तर आईजी सुंदरराज का रोल: 2025 में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जंग
Photo courtesy X@sundar_IPS
जगदलपुर, छत्तीसगढ़ | दिसंबर 2025
बस्तर रेंज के आईजी (आईपीएस) सुंदरराज पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा और शांति का चेहरा बने हुए हैं। साल 2025 में उनके नेतृत्व में नक्सल विरोधी अभियानों ने एक ऐसी निर्णायक स्थिति प्राप्त कर ली है, जहाँ नक्सलियों का आधार क्षेत्र सिमट कर अब केवल अबूझमाड़ के कुछ हिस्सों तक ही सीमित रह गया है।
रणनीतिक जीत और ऐतिहासिक अभियान
नवंबर 2021 से इस पद की कमान संभाल रहे सुंदरराज ने न केवल रक्षात्मक बल्कि आक्रामक रणनीति अपनाई है। उनके मार्गदर्शन में वर्ष 2024 और 2025 में रिकॉर्ड संख्या में नक्सलियों को ढेर किया गया है और शीर्ष नेतृत्व को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया गया है। वे “बस्तर ओलंपिक 2025” जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में सफल रहे हैं, जिससे नक्सलियों की भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है।
मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त बस्तर का संकल्प
केंद्र और राज्य सरकार के ‘मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने’ के लक्ष्य को पूरा करने में सुंदरराज पी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में (नई सुबह) अभियान के तहत न केवल सुरक्षा कैंप स्थापित किए, बल्कि सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को पहुँचाने का मार्ग भी प्रशस्त किया।
दिसंबर 2025 में एक बयान में आईजी सुंदरराज ने कहा, “बस्तर अब हिंसा के साये से बाहर निकल रहा है। स्थानीय आदिवासियों का सुरक्षाबलों पर बढ़ता भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी जीत है।”
