30 साल का बोझ खत्म! बिलासपुर के थानों से हटाया गया 30 हजार फाइलों का कबाड़
बिलासपुर जिले के पुलिस थानों में वर्षों से जमा पड़े पुराने और बेकार रिकॉर्ड को आखिरकार हमेशा के लिए नष्ट कर दिया गया है। उन मामलों से जुड़ी करीब 30 हजार फाइलें, जिनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तय नियमों के तहत सामूहिक रूप से समाप्त कर दी गईं। इस कार्रवाई से थानों में लंबे समय से चली आ रही जगह की समस्या से बड़ी राहत मिली है।
पुलिस विभाग के अनुसार, ये रिकॉर्ड कई दशकों से थानों में अनावश्यक रूप से रखे हुए थे, जिनका अब न तो कोई कानूनी महत्व था और न ही प्रशासनिक उपयोग। इसके बावजूद इनमें मौजूद दस्तावेज गोपनीय प्रकृति के थे, जिनका सुरक्षित रखरखाव एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रक्रिया वर्षों में एक बार की जाती है, जब यह पूरी तरह सुनिश्चित हो जाता है कि संबंधित मामलों में आगे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई शेष नहीं है। सभी रिकॉर्ड का नष्टीकरण निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार किया गया।
इस कदम से न सिर्फ पुलिस थानों में भौतिक रूप से जगह खाली हुई है, बल्कि रिकॉर्ड प्रबंधन व्यवस्था भी पहले से कहीं अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। साथ ही संवेदनशील जानकारियों के दुरुपयोग की आशंका भी पूरी तरह समाप्त हो गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ रिकॉर्ड की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पुराने और बंद मामलों की फाइलों का नष्टीकरण उसी जिम्मेदारी का हिस्सा है, जिससे सिस्टम को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाया जा सके।
