बड़ी राहत: ट्रैफिक पुलिस नहीं छीन सकती वाहन की चाबी, जानिए मोटर वाहन कानून क्या कहता है
सड़क पर वाहन जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा गाड़ी या बाइक की चाबी निकाल लेने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। इसे लेकर आम लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है कि क्या पुलिस को ऐसा करने का अधिकार है या नहीं। कानून की स्पष्ट व्याख्या बताती है कि ट्रैफिक पुलिस मनमाने ढंग से किसी भी वाहन चालक से चाबी नहीं छीन सकती।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो पुलिस को सीधे वाहन की चाबी निकालने की अनुमति देता हो। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार बिना निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया अपनाए इस तरह की कार्रवाई करना नागरिक अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है। कानून पुलिस को कार्रवाई की शक्ति देता है, लेकिन उसकी भी एक तय सीमा है।
नियमों के मुताबिक यदि कोई चालक गंभीर यातायात उल्लंघन करता है, तो पुलिस वाहन जब्त कर सकती है। हालांकि यह जब्ती भी लिखित जब्ती मेमो तैयार कर, वाहन को अधिकृत स्थान पर खड़ा करने के बाद ही की जानी चाहिए। केवल चाबी छीन लेना या वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर देना कानूनन उचित नहीं माना जाता।
ड्राइविंग लाइसेंस न होना, वाहन का रजिस्ट्रेशन या बीमा न होना, नशे की हालत में वाहन चलाना या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना—इन परिस्थितियों में पुलिस सख्त कार्रवाई कर सकती है। लेकिन फिर भी कानून पुलिस को चाबी छीनने का अधिकार नहीं देता, बल्कि नियमानुसार जब्ती की प्रक्रिया अपनाने को कहता है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह की मनमानी कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 300-A (संपत्ति का अधिकार) से भी जुड़ी हुई है। ऐसे मामलों में अदालतें पहले भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा चुकी हैं।
यदि किसी नागरिक के साथ जबरन चाबी छीने जाने जैसी स्थिति बनती है, तो उसे संयम बनाए रखना चाहिए, विवाद से बचना चाहिए और उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। संबंधित अधिकारी का नाम-पद नोट कर वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। कानून की जानकारी और जागरूकता ही आम नागरिकों की सबसे बड़ी ताकत है।
