“देश के लिए जान भी कुर्बान करेंगे”: जम्मू-कश्मीर की महिला पुलिस भर्ती का पाकिस्तान को करारा संदेश
जम्मू-कश्मीर में नई महिला पुलिस भर्तियों ने आतंकवाद और पाकिस्तान को लेकर बड़ा संदेश दिया है। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाली महिला रंगरूटों ने साफ कहा कि वे देश की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगी।
सोमवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा 100 नए पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जिनमें लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं शामिल रहीं। इस दौरान महिला रंगरूटों ने गर्व के साथ कहा कि उन्होंने देश सेवा के लिए खाकी वर्दी को चुना है और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेंगी।
अधिकारियों ने इसे जम्मू-कश्मीर में बदलती सोच और युवाओं के सकारात्मक रुख का प्रतीक बताया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अब युवा समझ चुके हैं कि पाकिस्तान उनका हितैषी नहीं है, बल्कि उन्हें अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करता रहा है। यही कारण है कि अब युवा आतंकवाद से दूरी बनाकर पुलिस और सुरक्षा बलों में शामिल होकर देश सेवा का रास्ता चुन रहे हैं।
अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पत्थरबाजी जैसी घटनाओं में लगातार कमी आई है और युवाओं का भरोसा अब विकास, सुरक्षा और राष्ट्रसेवा की ओर बढ़ रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भर्ती जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसे पुलिस बल का हिस्सा बन रहे हैं, जिसकी बहादुरी, बलिदान और जनसेवा की गौरवशाली परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि अब इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नए जवानों के कंधों पर है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की पिछले तीन दशकों में निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह बल साहस, समर्पण और जनता के विश्वास का प्रतीक बन चुका है।
