शराबी दूल्हे को मंडप में ठुकराने वाली साहसी बेटी बनी महिला काउंसलर, जांजगीर-चांपा पुलिस ने दिया सम्मान
जांजगीर-चांपा।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम कोसमंदा की उस साहसी युवती को, जिसने विवाह मंडप में नशे की हालत में पहुंचे दूल्हे से शादी करने से साफ इनकार कर नारी स्वाभिमान की मिसाल पेश की थी, अब जांजगीर-चांपा पुलिस ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस ने युवती के साहस और आत्मसम्मान को सम्मानित करते हुए उसे परिवार परामर्श केंद्र में महिला काउंसलर के रूप में नियुक्त किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवती का यह निर्णय केवल व्यक्तिगत साहस का उदाहरण नहीं था, बल्कि समाज में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश भी है। इसी प्रेरणादायी कदम को देखते हुए उसे परिवार परामर्श केंद्र से जोड़कर अन्य महिलाओं का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
परिवार परामर्श केंद्र में महिला काउंसलर के रूप में वह घरेलू विवाद, वैवाहिक समस्याओं और महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों में परामर्श देने के साथ-साथ पीड़ित महिलाओं का मनोबल बढ़ाने और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगी।
जांजगीर-चांपा पुलिस का मानना है कि साहसी युवती का यह फैसला समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगा, जो सामाजिक दबाव के कारण कई बार अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से हिचकिचाती हैं। आत्मसम्मान और सही निर्णय लेने का उनका साहस महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देता है।
पुलिस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा केवल कानून का विषय नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे प्रेरणादायी उदाहरण समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देते हैं।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने विश्वास जताया कि महिला काउंसलर के रूप में उनकी नई भूमिका परिवार परामर्श केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा जरूरतमंद महिलाओं को उचित मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
