फरसगांव में अवैध प्रवासियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1200 घरों और 160 प्रतिष्ठानों की जांच, 173 संदिग्धों से पूछताछ
फरसगांव। अवैध प्रवासियों और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फरसगांव पुलिस ने शनिवार को व्यापक चेकिंग एवं सत्यापन अभियान चलाया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित इस अभियान में करीब 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की 21 टीमें मैदान में उतरीं और क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटाई।

पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और डीएसपी सिद्धार्थ बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने फरसगांव नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों के साथ जुगानी कलार, जुगानी कैंप, पश्चिम बोरगांव, पूर्वी बोरगांव और सिगारपुरी क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया।
अभियान के दौरान पुलिस ने 1200 से अधिक घरों और 160 से अधिक दुकानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान 173 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ और दस्तावेजों की तस्दीक के लिए थाना फरसगांव लाया गया। पुलिस ने उनके पहचान पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की।

संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में संबंधित थानों से एसएस रोल और एनओसी के माध्यम से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्षेत्र में रहने वाले बाहरी लोगों की पहचान एवं पृष्ठभूमि सही है या नहीं और कोई व्यक्ति अवैध रूप से तो नहीं रह रहा है।
अभियान के दौरान बाहर से आकर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुसाफिर रजिस्टर में एंट्री कराई गई। साथ ही मकान मालिकों को समाधान ऐप के माध्यम से किरायेदारों एवं अन्य लोगों की जानकारी दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया।

पुलिस टीमों ने मटन दुकानों, नाई दुकानों, कबाड़ी दुकानों सहित ऐसे विभिन्न प्रतिष्ठानों को भी चिन्हांकित किया, जहां बाहरी अथवा असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी काम कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की जांच के बाद जिन लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक गतिविधि सामने नहीं आई, उन्हें आवश्यक समझाइश देकर छोड़ दिया गया।
पुलिस ने बताया कि अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में संदिग्ध एवं अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखना और पुलिस की मौजूदगी को मजबूत करना है। फरसगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
