राजनांदगांव में गणेश उत्सव को लेकर पुलिस का बड़ा एक्शन, 3 दिन में 70 बदमाश जेल भेजे; पंडालों पर ‘One Cop-One Pandal’ व्यवस्था

0
810421025_1493458306151714_7221820589594293042_n

राजनांदगांव: गणेश उत्सव के दौरान जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजनांदगांव पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ असामाजिक और आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने पिछले तीन दिनों में 70 बदमाशों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा है।

गणेश पंडालों में पुलिस की सीधी मौजूदगी

पुलिस द्वारा गणेश पंडाल समितियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। ‘पंडाल मित्र’ और ‘One Cop-One Pandal’ व्यवस्था के जरिए पंडालों में पुलिस की सीधी मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग एवं निगरानी की जा रही है।

आर्म्स और आबकारी एक्ट के साथ BNSS में कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पिछले तीन दिनों में आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और धारा 170 BNSS के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने आदतन अपराधियों और संदिग्ध तत्वों को चिन्हांकित कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

थानावार कार्रवाई

कोतवाली: आर्म्स एक्ट का 1 प्रकरण, 2 आरोपी
चिखली: आर्म्स एक्ट के 2 प्रकरण
बसंतपुर: आर्म्स एक्ट का 1 प्रकरण और धारा 170 BNSS के 9 प्रकरण
सुरगी: धारा 170 BNSS का 1 प्रकरण
तुमड़ीबोड़: आबकारी एक्ट धारा 34(2) का 1 प्रकरण
सोमनी: धारा 170 BNSS के 2 प्रकरण, 4 आरोपी
डोंगरगांव: आर्म्स एक्ट के 2 प्रकरण
चिचोला: धारा 170 BNSS का 1 प्रकरण

कुल कार्रवाई में धारा 170 BNSS के 13 प्रकरण, आर्म्स एक्ट के 6 प्रकरण और आबकारी एक्ट की धारा 34(2) का 1 प्रकरण शामिल है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता

राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गणेश उत्सव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह का व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस द्वारा पंडाल समितियों से समन्वय, नियमित पेट्रोलिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के साथ जरूरत के अनुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस का उद्देश्य गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *