कांकेर में बाइकर्स मीट बना साइबर जागरूकता का मंच, 300 युवाओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके
कांकेर: साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कांकेर पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” लगातार जनभागीदारी के नए मंच तैयार कर रहा है। न्यू कम्युनिटी हॉल में आयोजित ‘आओ छत्तीसगढ़ देखो बस्तर’ बाइकर्स मीट में पुलिस ने करीब 300 बाइकर्स, राइडर्स और युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया।

UPI फ्रॉड से डिजिटल अरेस्ट तक, युवाओं को किया सतर्क
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू, एसडीओपी कांकेर हरीश पाटिल और थाना प्रभारी कांकेर जितेंद्र साहू की मौजूदगी में युवाओं को ऑनलाइन ठगी, UPI फ्रॉड, फर्जी KYC, लॉटरी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक और APK के जरिए होने वाले साइबर अपराधों की जानकारी दी गई।
पुलिस ने युवाओं को समझाइश दी कि OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अज्ञात स्रोत से APK या मोबाइल एप डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी गई।

सोशल मीडिया इस्तेमाल में भी सावधानी की अपील
कार्यक्रम में सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक रूप से साझा न करने के संबंध में भी जागरूक किया गया। पुलिस ने युवाओं से कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
“साइबर वॉलंटियर” बनने युवाओं को किया प्रेरित
कांकेर पुलिस ने युवाओं को “साइबर पाठशाला” की अवधारणा से जोड़ते हुए अपने परिवार, दोस्तों, गांव और मोहल्ले के कम से कम 10 लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पुलिस का उद्देश्य बाइकर्स और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को सकारात्मक दिशा देते हुए बस्तर पर्यटन के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
