ग्वालियर में 300 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का पाठ, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके

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ग्वालियर। साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्वालियर पुलिस द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सेंट जॉन वियान्नी स्कूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 300 छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया सुरक्षा और मोबाइल के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति भी जागरूक किया गया।

एसएसपी के निर्देश पर चल रहा जागरूकता अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (भापुसे) के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को नए तरीकों से हो रही ठगी के प्रति सतर्क करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम/अपराध) श्रीमती सुमन गुर्जर, डीएसपी अपराध श्री नागेंद्र सिंह सिकरवार और डीएसपी श्री मनीष यादव के मार्गदर्शन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

सेंट जॉन वियान्नी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में साइबर क्राइम विंग के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह कुशवाह, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा और आरक्षक रोहित शर्मा ने विद्यार्थियों तथा स्कूल स्टाफ को साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी।

सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने की सलाह

कार्यक्रम में निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह कुशवाह ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि अकाउंट की गोपनीयता संबंधी सेटिंग्स का ध्यान न रखना, दो-स्तरीय सत्यापन चालू नहीं करना और बिना जांच-पड़ताल के अनजान लोगों की मित्रता स्वीकार करना जोखिम पैदा कर सकता है।

विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी, पार्ट टाइम नौकरी के झांसे और ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती आदत से होने वाली परेशानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। उन्हें सलाह दी गई कि ऑनलाइन खरीदारी केवल विश्वसनीय वेबसाइटों और ई-कॉमर्स कंपनियों से करें तथा किसी अनजान लिंक पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

साइबर फ्रॉड और महिला संबंधी अपराधों पर दी जानकारी

उपनिरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में सामने आ रहे साइबर अपराधों और महिला संबंधी अपराधों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने पुलिस के पास आने वाली साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार ठग लोगों की लापरवाही का फायदा उठाते हैं।

कार्यक्रम में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध संदेश, फोन कॉल या लिंक पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। अपनी निजी तस्वीरें, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा करने से बचना चाहिए।

पुलिस अधिकारियों ने साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी। समय पर शिकायत करने से संदिग्ध लेनदेन को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

नशे के दुष्परिणामों से भी कराया अवगत

साइबर सुरक्षा जागरूकता के साथ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उसके पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, अपने मित्रों और परिजनों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की समझाइश दी गई। साथ ही उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

ग्वालियर पुलिस का यह जागरूकता अभियान विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने, साइबर अपराधों की पहचान करने और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं से दूर रहने के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक पहल है।

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