गरियाबंद में घर-घर पहुंची पुलिस: युवाओं का डेटा तैयार, साइबर ठगी और नशे के खिलाफ बड़ा अभियान
गरियाबंद — जिले में सुरक्षा और जन-जागरूकता को लेकर पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस कप्तान के निर्देशन में सभी थाना प्रभारियों और बीट आरक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सघन भ्रमण कर आमजन और युवाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के तहत बीट आरक्षकों द्वारा प्रत्येक ग्राम और वार्ड स्तर पर बेरोजगार युवक-युवतियों का डेटा तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भविष्य में उन्हें कौशल विकास योजनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।

बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए। लोगों को ओटीपी, बैंक विवरण और आधार नंबर किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही फर्जी कॉल और लिंक से सावधान रहने और जरूरत पड़ने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही नशा मुक्ति और यातायात जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव और कानूनी परिणामों के बारे में बताया तथा हेलमेट पहनने, तेज रफ्तार से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी को कम करना और विश्वास बढ़ाना है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।






