छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी बढ़ी—35% उछाल, 2025 में 60 अधिकारी रंगे हाथों गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखने को मिली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की कार्रवाई में वर्ष 2025 के दौरान रिश्वतखोरी के मामलों में करीब 35% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 60 अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 44 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच गई। इससे साफ है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है, लेकिन साथ ही रिश्वतखोरी के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।
कार्रवाई के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निशाना बनाया गया, जिनमें राजस्व, पुलिस और अन्य शासकीय विभाग शामिल हैं। रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लॉकडाउन के दौरान भी भ्रष्टाचार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी थी। कई मामलों में अधिकारियों ने मौके का फायदा उठाकर अवैध लेनदेन जारी रखा। हालांकि, जांच एजेंसियों ने लगातार निगरानी रखकर ऐसे मामलों का खुलासा किया।
इसके अलावा बड़े घोटालों पर भी जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है। वर्ष 2025 में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में छापेमारी की गई, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी और संपत्ति बरामद हुई। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है।
सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
