रायगढ़ में खैर-तेंदू लकड़ी तस्करी के बड़े इंटरस्टेट सिंडिकेट का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार; फर्जी परमिट से होती थी करोड़ों की कमाई
रायगढ़: जिला पुलिस और वन विभाग ने जिले के वन क्षेत्रों से खैर एवं तेंदू प्रजाति की बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में सिंडिकेट से जुड़े रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया गया है, जबकि आरोपी भरत कुमार मेश्राम फरार बताया गया है।

पुलिस के अनुसार यह सिंडिकेट ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश तक सक्रिय था। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन परिक्षेत्रों में ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की कटाई कराई जाती थी। इसके बाद इन लकड़ियों को रोहित मित्तल के गढ़उमरिया स्थित गोदाम में डंप किया जाता था।
जांच में सामने आया कि रोहित मित्तल अपने सहयोगी मनीष अग्रवाल तथा वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम और सलाउद्दीन खान के साथ मिलकर इन बेशकीमती लकड़ियों को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भेजकर अधिक कीमत पर खपाते थे। आरोपियों द्वारा अवैध लकड़ी की तस्करी को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) तैयार कराए जाते थे।
वन विभाग की टीम ने गढ़उमरिया स्थित गोदाम में दबिश देकर बड़ी मात्रा में लकड़ी और अन्य सामग्री जब्त की। कार्रवाई के दौरान ट्रक क्रमांक CG 15 DV 7577 में लदे तेंदू प्रजाति के 42 नग लट्ठे, कुल 1.731 घन मीटर लकड़ी बरामद की गई। इसके अलावा गोदाम से तेंदू एवं खैर प्रजाति के 146 नग लट्ठे, कुल 6.741 घन मीटर, तथा 9 चट्टा जलाऊ लकड़ी भी जब्त की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस एवं वन विभाग ने एक वजन मशीन, दो कुल्हाड़ी, एक हथौड़ा और एक कटर मशीन भी जब्त की है। बरामद सामग्री से अवैध लकड़ी कटाई और भंडारण के बड़े स्तर पर संचालित होने के संकेत मिले हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में रोहित मित्तल, निवासी अग्रसेन कॉलोनी विकास नगर, कोतरा रोड रायगढ़; मनीष अग्रवाल, निवासी मुड़पार, बलौदाबाजार; तथा सलाउद्दीन खान, निवासी सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ शामिल हैं। आरोपी भरत कुमार मेश्राम की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ थाना जूटमिल में धोखाधड़ी एवं वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की गई है। पुलिस और वन विभाग अब इस इंटरस्टेट नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा फर्जी परमिट के जरिए लकड़ी की तस्करी में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
