महिला पुलिसकर्मियों की बहादुरी और संवेदनशीलता के कई उदाहरण, मणिपुर से बिहार और दिल्ली तक सराहनीय कार्रवाई
देश के विभिन्न राज्यों में महिला पुलिसकर्मियों और महिला सुरक्षा बलों ने हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर कार्रवाई करने और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। आतंकवाद विरोधी अभियान से लेकर महिला हेल्पलाइन, मेट्रो सुरक्षा और जनजागरूकता तक महिला पुलिस की सक्रिय भागीदारी सामने आई।
मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ साहसिक संयुक्त ऑपरेशन
मणिपुर के कांगपोकपी जिले के गामपुम गांव में पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ और महिला पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने उग्रवादियों के अवैध कैंप पर कार्रवाई की। अभियान के दौरान 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 7 ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए गए। इस ऑपरेशन में महिला सुरक्षा बलों की भागीदारी ने उनके साहस और परिचालन क्षमता को भी सामने रखा।
बिहार में महिला हेल्पलाइन के मामलों का त्वरित समाधान
बिहार के नालंदा में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस और जिला संचालन समिति की सक्रियता देखने को मिली। 181 महिला हेल्पलाइन पर दर्ज 65 मामलों में से 62 मामलों का सफल और शांतिपूर्ण निपटारा किया गया। साथ ही बाल विवाह और छेड़छाड़ जैसे मामलों में पीड़ितों की वन स्टॉप सेंटर में काउंसलिंग और जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
दिल्ली मेट्रो में महिला RPF कर्मियों ने संभाली स्थिति
दिल्ली के नेताजी भवन मेट्रो स्टेशन पर कुछ महिला यात्रियों द्वारा ड्यूटी स्टाफ के साथ बदसलूकी और हंगामे की स्थिति बनी। वहां तैनात महिला RPF कर्मियों और जवानों ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ₹1,000-₹1,000 का जुर्माना लगाया गया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत विभिन्न क्षेत्रों में महिला पुलिस टीमों और मिशन शक्ति दस्तों ने संपर्क सभाओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही साइबर फ्रॉड से बचाव, आपातकालीन सहायता और 112 व 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
महिला पुलिसकर्मियों की ये कार्रवाइयां बताती हैं कि महिला सुरक्षा बल केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की सहायता और समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
