राजनांदगांव में साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, 6 राज्यों में 91.85 लाख के लेनदेन से जुड़े म्यूल अकाउंट के 2 आरोपी गिरफ्तार

0

राजनांदगांव। साइबर सेल राजनांदगांव और थाना सिटी कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक अकाउंट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन बैंक खातों के माध्यम से 6 राज्यों में 91 लाख 85 हजार रुपये की साइबर ठगी की राशि का लेनदेन किया गया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

ICICI बैंक खातों से साइबर ठगी की रकम का लेनदेन

पुलिस के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर ऐसे म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को हासिल करने, ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था।

जांच में सामने आया कि ICICI बैंक के खातों के जरिए साइबर धोखाधड़ी से अर्जित करीब 91,85,000 रुपये की राशि प्राप्त कर आगे हस्तांतरित की गई। मामले में थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 611/2026 के तहत धारा 317(4), 317(5), 3(5) भारतीय न्याय संहिता में अपराध दर्ज किया गया।

पहले एक आरोपी गिरफ्तार, अब दो और आरोपी जेल भेजे गए

पुलिस ने इस मामले में 3 अक्टूबर 2026 को धनीराम सिन्हा, उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम जामरी, पोस्ट जटकन्हार, थाना डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था।

विवेचना के दौरान जितेन्द्र पाण्डेय, उम्र 34 वर्ष, निवासी दया नगर रिसाली, जिला दुर्ग और हिमांशु निर्मलकर, उम्र 22 वर्ष, निवासी संजय नगर, कुरूद, जिला धमतरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद दोनों को 4 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी या अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को छिपाने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने या निकालने के लिए करते हैं। कई बार अपराधी लोगों को कमीशन या आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं।

राजनांदगांव पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी ऐसे खातों का इस्तेमाल फर्जी ट्रेडिंग एप, गेमिंग और गैंबलिंग एप, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट समेत अन्य साइबर ठगी में कर सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर सेल को दें।

कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक उपेन्द्र कुमार शाह, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, प्रशिक्षु उप निरीक्षक नितेश कुमार कर्ष, प्रधान आरक्षक जी. सिरिल कुमार, प्रधान आरक्षक अखिल अम्बादे, आरक्षक सेहल साहू और विकास केशरवानी की सराहनीय भूमिका रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *