कश्मीर घाटी के 30 युवाओं ने किया भोपाल और दिल्ली का शैक्षणिक दौरा, SSB मुख्यालय में डीजी संजय सिंघल से की मुलाकात
नई दिल्ली। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की पहल के तहत कश्मीर घाटी के 30 युवाओं को भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिला। भारत दर्शन शैक्षणिक यात्रा के अंतर्गत इन युवाओं ने भोपाल और नई दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एसएसबी मुख्यालय, नई दिल्ली में महानिदेशक संजय सिंघल (आईपीएस) और बल के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।

एसएसबी मुख्यालय में युवाओं से मिले महानिदेशक
एसएसबी की 13वीं बटालियन, डिगनीबल, श्रीनगर की ओर से नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम के तहत इस भारत दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में शामिल कश्मीर घाटी के 30 युवाओं ने नई दिल्ली स्थित बल मुख्यालय में महानिदेशक संजय सिंघल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद किया।
इस मुलाकात का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उनके साथ संवाद के अवसर उपलब्ध कराना था। अधिकारियों के साथ बातचीत के जरिए युवाओं को देश की सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे कार्यों के बारे में जानने का अवसर मिला।
भोपाल और दिल्ली की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत से हुए परिचित
भारत दर्शन शैक्षणिक यात्रा में भोपाल और नई दिल्ली को शामिल किया गया। इन शहरों के भ्रमण के माध्यम से युवाओं को भारत की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ वैज्ञानिक उपलब्धियों को समझने का अवसर मिला।
इस तरह की शैक्षणिक यात्राएं युवाओं को अपने क्षेत्र से बाहर निकलकर देश के अलग-अलग हिस्सों की परंपराओं, इतिहास और विविधता को करीब से जानने का अवसर देती हैं। यात्रा का उद्देश्य केवल भ्रमण तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के अनुभवों का विस्तार करना भी है।
राष्ट्रीय एकता और आपसी विश्वास को बढ़ावा देने की पहल
एसएसबी की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और सुरक्षा बलों तथा सीमावर्ती समुदायों के बीच विश्वास को मजबूत करना है। विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद बढ़ने से एक-दूसरे की जीवनशैली, परंपराओं और चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है।
नागरिक कार्रवाई कार्यक्रम के तहत आयोजित ऐसे प्रयास युवाओं को देश की विविधता से जोड़ने और सकारात्मक संवाद के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं। भारत दर्शन यात्रा के माध्यम से कश्मीर घाटी के युवाओं को देश के दूसरे हिस्सों को देखने और वहां के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।
