राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ पुलिस की बढ़ती अहमियत

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Photo Courtesy X@CG_Police

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आज न केवल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रही है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बना चुकी है। देश के सबसे नक्सल प्रभावित राज्यों में से एक छत्तीसगढ़ में कार्यरत पुलिस बल को कठिन परिस्थितियों में काम करने का व्यापक अनुभव है। यही कारण है कि केंद्र सरकार और अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियाँ भी छत्तीसगढ़ पुलिस के कार्यों और रणनीतियों से प्रेरणा लेती रही हैं।

नक्सल उन्मूलन में विशेष योगदान

बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सल उन्मूलन के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF), डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व ग्रुप (DRG) और महिला बटालियन जैसी अनूठी इकाइयाँ खड़ी कीं। इनकी रणनीति और ऑपरेशनल क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। कई बार इनके सफल अभियानों की मिसाल अन्य राज्यों ने भी अपनाई है।

तकनीक और सामुदायिक पुलिसिंग

राज्य पुलिस ने आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन सर्विलांस, डिजिटल मॉनिटरिंग और हाईटेक हथियारों का इस्तेमाल किया है। साथ ही “जन मित्र पुलिस” और सामुदायिक पुलिसिंग जैसी पहल ने स्थानीय जनता के बीच विश्वास कायम किया है। यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन गया है।

राष्ट्रीय उपलब्धियाँ और सम्मान

  • छत्तीसगढ़ पुलिस के कई अधिकारी और जवानों को राष्ट्रपति पुलिस पदक और शौर्य पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए गए अभियानों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय समय-समय पर छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहना करता रहा है।
  • अबुज्हमर पीस मैराथन और साइबर जागरूकता अभियान जैसे प्रयासों ने छत्तीसगढ़ पुलिस को सामाजिक-सांस्कृतिक मंच पर भी राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

आज छत्तीसगढ़ पुलिस का प्रशिक्षण और अनुशासन युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जाता है। राज्य के कई पुलिसकर्मी राष्ट्रीय खेलों, अंतरराष्ट्रीय मिशनों और संयुक्त अभियानों में भी अपना योगदान दे चुके हैं।


निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यशैली, साहस और जनता से जुड़ाव ने इसे केवल राज्य तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी एक “मॉडल पुलिस फोर्स” के रूप में स्थापित किया है।

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