साइबर अपराधों से बचें: बैंक अधिकारी देर रात कॉल नहीं करते, पुलिस ने दी चेतावनी
जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस विभाग ने नई रणनीति तैयार की है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर ने हाल ही में अधिकारियों की बैठक लेकर साइबर अपराध रोकथाम और जांच प्रक्रिया को तेज़ एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में अक्सर अपराधियों के बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। ऐसे में संबंधित बैंकों को निर्देश दिया गया है कि संदिग्ध खातों की नियमित जांच की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बैंक अधिकारी कभी देर रात कॉल नहीं करते। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी मांगता है तो यह धोखाधड़ी का प्रयास हो सकता है।
जनता की मदद के लिए पुलिस विभाग जल्द ही हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी व्यापक रूप से प्रसारित करेगा, ताकि पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज कर सकें। इसके अलावा, हर थाने में साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायत दर्ज करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि खाता खोलते समय सख्त सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि फर्जी खातों का इस्तेमाल अपराधियों द्वारा न किया जा सके। साथ ही, आधार और अन्य पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
